स्विट्जरलैंड के बिजनेसमैन से प्रताड़ित युवक ने खाया ज़हर: 8 पेज के सुसाइड नोट में झूठे केस और बदनामी का आरोप; पिता को बनाया गया था बंधक
उदयपुर में 22 साल के लड़के ने स्विट्जरलैंड के बिजनेसमैन से परेशान होकर सुसाइड करने की कोशिश की। इससे पहले 8 पेज का सुसाइड नोट लिखा था। जिसमें लिखा-
बिजनेसमैन पंकज ओसवाल की ओर से लगातार उस पर झूठे मुकदमे लगाए जा रहे हैं। आए दिन पुलिस के घर आने पर बदनामी हो रही है। हर दूसरे दिन दिल्ली में पेशी के लिए जाना भी अब बर्दाश्त नहीं होता।
युवक घर में अकेला था। तब जहर पी लिया। उसका छोटा भाई घर आया, तब उसे चित्तौड़गढ़ हॉस्पिटल लेकर गया। हालत गंभीर होने पर उदयपुर सरकारी एमबी हॉस्पिटल में रेफर किया गया। घटना चित्तौड़गढ़ के मंगलवाड़ थाना क्षेत्र में बुधवार रात करीब 8 बजे की है।
हॉस्पिटल में भर्ती बिष्णु मेनारिया ने बताया- उसके पिता मुकेश मेनारिया स्विट्जरलैंड में एक एनआरआई बिजनेसमैन के 7 साल तक कुक थे। बिजनेसमैन ने पिता को इंडिया नहीं आने दिया और बंदी बनाकर रखा। सरकार की मदद से बड़ी मुश्किलों से पिता को नवंबर 2024 में वापस इंडिया लाए थे। 3 महीने बाद वहां की सरकार ने बुला लिया।
इसके बाद हमने बिजनेसमैन पर किडनैपिंग का केस लगाया था। इस केस में अब पिता स्विटजरलैंड सरकार की कस्टडी में है और बिजनेसमैन के खिलाफ केस लड़ रहे है। बिष्णु ने बताया कि इसका बदला लेने के लिए बिजनेसमैन उस पर एक के बाद एक झूठे मुकदमे करवा रहा है।
सुसाइड नोट में लिखा- धमकियों और केस से परेशान हो गया
युवक ने सुसाइड की कोशिश से पहले नोट लिखा था। उसमें लिखा था- लगता है जिंदगी में कुछ नहीं बचा है। जिंदा लाश की तरह बना दिया है। झूठे केसों से बदनामी हो रही है। मैं सिर्फ 22 साल का हूं लेकिन लगता है , जिंदगी खत्म हो गई। आए दिन पुलिस का घर आना। हर दूसरे दिन दिल्ली में पेशी के लिए जाना। अब बर्दाश्त नहीं होता। मैंने कोई गुनाह नहीं किया। मेरे पापा को बिजनेसमैन ने लंबे समय तक बंदी बनाकर रखा था। मैंने इंटरपोल की मदद से उन्हें बचाया।
पापा को छोड़ने के डेढ़ करोड़ रुपए के दो चेक मांगे। हमने 75-75 लाख के दो चेक दिए। फिर चेक बाउंस हुए तो हम पर केस कर दिया। एक रेप केस, प्रॉपर्टी में धोखाधड़ी सहित अन्य झूठे केस लगाए। आए दिन धमकियां आती रहती है। ऐसे में और नहीं जी सकता। मुझे माफ करा। ये दुनिया छोड़कर जा रहा हूं।
