बस की डिक्की में ‘चंदन’ की तस्करी: जयपुर ले जाई जा रही 223 किलो लकड़ी जब्त, प्लास्टिक के कट्टों में थी छिपी
चित्तौड़गढ़ में एक प्राइवेट बस से करीब 223 किलो गिली चंदन की लकड़ियां मिली हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि इन लकड़ियों को प्लास्टिक के कट्टों में छुपा जयपुर सप्लाई करना था।
मामला कोतवाली थान क्षेत्र के कपासन चौराहे का है। निरजी ट्रेवल्स की ये बस चित्तौड़गढ़ के निंबाहेड़ा से झुंझुनूं के पिलानी जा रही थी। बस की छानबीन करने पर इसमें 2 क्विंटल 33 किलो चंदन की लकड़ी मिली है।
नाकाबंदी के दौरान रुकवाया था बस को
थानाधिकारी तुलसीराम प्रजापत ने बताया कि कोतवाली थाने में शुक्रवार देर रात नाकाबंदी करवाई गई थी। रात करीब ढाई बजे बस को रुकवाया गया। बस में जयपुर, सीकर और पीलानी की सवारियां बैठी थी।
इस पर पुलिस टीम ने ड्राइवर और कंडक्टर को नीचे उतार डिक्की की तलाशी ली। जहां प्लास्टिक के कट्टों में चंदन की लकड़ियां थी।
इधर, समय पर पहुंचने की बात को लेकर कुछ यात्रियों ने हंगामा कर दिया। इसके बाद बस को कपासन चौराहे से थाने के सामने ले जाया गया।
दूसरे ट्रेवल ऑफिस से रखवाया था पार्सल
पूछताछ में बस ड्राइवर ने अपना नाम सुरेंद्र पुत्र लिखमारा गढ़वाल निवासी कासनी, थाना सूरजगढ़, जिला झुंझुनूं बताया। जबकि कंडक्टर ने अपना नाम विक्रम सिंह पुत्र शेर सिंह जाट निवासी ब्राह्मणों की ढाणी, थाना चिड़ावा, जिला झुंझुनूं बताया। दोनों ने बताया। दोनों ने पूछताछ में बातया कि ये कट्टे चित्तौड़गढ़ स्थित बरखा ट्रावेल्स ऑफिस से संचालक अशोक कुमार सिंधी द्वारा रखवाए गए थे।
एक कागज पर पार्सल जयपुर के नाम से लिखा हुआ था और नंबर भी लिखा हुआ था, लेकिन जब पुलिस ने चंदन के परिवहन से संबंधित लाइसेंस या बिल-बिल्टी ड्राइवर से मांगी तो कोई वैध दस्तावेज पेश नहीं किया गया।
पुलिस ने इस मामले में वन अधिनियम के तहत अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया। वहीं ड्राइवर और कंडक्ट को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।
थाना अधिकारी ने बताया कि इसकी बाजार अनुमानित बाजार कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपए तक है। पुलिस ये पता लगाने में जुटीहै कि ये लकड़ी कहां से लाई थी और जयपुर में किसे सप्लाई होनी थी।
