मानसिक विमंदित व्यक्ति को तस्कर बता जेल भेजने वाले थानाधिकारी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने हेतु परिवाद पेश
डीपी न्यूज़ : सत्यवीर सिह पहाड़ा
उदयपुर । दिनांक 17/05/2022 को कानोड़ थाना क्षेत्र निवासी विमंदित श्री बबरू सिंह उर्फ़ भगवत सिंह को FIR संख्या 47/2022 पुलिस थाना कानोड जिला उदयपुर में NDPS मामले में 40 ग्राम अफीम बताकर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । मामला समाचार पत्रों में आने के बाद पुलिस के सभी आला अधिकारियों के संज्ञान में आ चुका है की मामला में फर्जीवाड़ा है लेकिन 8 दिन बाद भी कानोड़ थानाधिकारी व अन्य पुलिस कर्मियों के विरुद्ध कोई कार्यवाही नही की, बल्कि महकमा अपने अधीनस्थ को बचाने में लग गया । इस क्रम में मानसिक विमंदित बबरु सिंह को रिहा करने तथा थानाधिकारी घेवरचंद के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हेतु बबरू सिंह के भाई अर्जुन सिंह की ओर से पुलिस महानिदेशक जयपुर, पुलिस महानिरीक्षक, जिला पुलिस अधीक्षक को लिखित में परिवाद पेश किया । परिवादी अर्जुन सिंह के साथ लीगल एक्सपर्ट राजेंद्र सिंह समीजा, सामाजिक कार्यकर्त् गौरव नागदा, एडवोकेट प्रवीण प्रजापत, एडवोकेट सी.पी चोरड़िया, एडवोकेट मंजू सोलंकी, गणेश वैष्णव सहित सभी एसपी से मिले । मिलकर सारे मेडिकल दस्तावेज, थानाधिकारी व अन्य पुलिस कर्मियों द्वारा किये कृत्य से अवगत करवाया तथा थानाधिकारी घेवरचंद को तत्काल निलंबित कर NDPS एक्ट में मुकदमा दर्ज करने हेतु कहा है । साथ ही समर स्मृति फाउंडेशन की ओर से डीजीपी को ईमेल कर थानाधिकारी के विरुद्ध NDPS एक्ट व अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज करने हेतु ज्ञापन देकर गौरव नागदा ने कहा की – ” बीते कुछ सालों में पुलिस का भयंकर अपराधिक करण हुआ है जिसमें पुलिस अपनी वसूली, रंजिश के लिए किसी को भी अपना शिकार बना सकती है । ऐसा ही एक प्रकरण वल्लभनगर का NDPS तेजाराम देवासी वाला हुआ है जिसमें एक गरीब निर्दोष किसान को डोडा चूरा की स्कॉर्पियो का ड्राइवर बताकर जेल में डाल दिया था, हमने 119 दिन संघर्ष कर उसे रिहाई दिलाई । अगर इसमें भी पुलिस ने कुछ इसी प्रकार का कृत्य किया जो बर्दास्त करने लायक नही है । निर्दोष बबरु सिंह के लिए हम संघर्ष करेंगे और रिहाई करवाकर ही मानेंगे । “
पुलिस महानिदेशक और पुलिस अधीक्षक के समक्ष 14 बिंदुओं को रखा गया जो इस प्रकार है :- पुलिस थाना कानोड़ के थानाधिकारी घेवरचन्द , पुलिस कांस्टेबल घेवरराम, जालम सिंह ,हितेश शर्मा, चेतन प्रकाश की मनमानी कानून से परे जाकर गिरफ्तारी की है ।
- यह कि श्री बबरू सिंह की गिरफ्तारी दिनांक 17/05/2022 को लगभग 6 से 6:30 बजे के आसपास केलेश्वर महादेव मेले से की गई । श्री बबरु सिंह द्वारा कमलेश्वर महादेव मेले मे चढाई जाने वाली वस्तुओ और पेसो को पागलपन मे वहां से उठा लिया, जिसमे केसर की डिब्बियां, सिन्दूर की डिब्बियां और अफिम की एक डिब्बी उठा ली थी । यहा पारंपरिक रूप से यह वस्तु फसल पकने पर चढाई जाती है। इसमे अफिम 5 से 10 ग्राम होती है यहां यह का प्रचलन है और यह सभी स्थानीय निवासियों की जानकारी में है । वहां घेवरराम कांस्टेबल व दो कांस्टेबल मेले मे तेनात थे । उसने थानाधिकारी घेवरचंद को इत्तला दे दी और बबरू सिंह को पकड़ लिया । जबकी थानाधिकारी ने गिरफ्तारी रात 10:20 पर बताई तथा स्थान पिथलपुरा हवेली बताया इस प्रकार पुरा अनुसंधान ही दुषित और मनमर्जी अनुसार है ।
- यह कि बबरू सिंह को बुरी तरह पिटने के बाद थानाधिकारी घेवरचन्द ले जा रहे थे तो ग्रामीणो ने पिपली खेड़ा के यहां पुलिस वाहन को रूकवाकर थानाधिकारी घेवरचन्द और पुलिसकर्मियो को बताया की बबरू सिंह पागल है इसको छोड दो लेकिन थानाधिकारी घेवरचन्द नही माने और बबरू सिंह को लेकर चले गए ।
- यह कि विमंदित बबरु सिंह के भाई श्री अर्जुन सिंह ने अपने मोबाइल फोन से उदयपुर 16/05/2021 को अपने गांव गढ़पुरा समय 7:29 PM पर फोन लगाया तो उनकी माता और बबरू सिह की पत्नी ने बताया की बबरू सिंह के पेरो और मुंह से खुन निकल रहा है और पुलिसकर्मी व थानाधिकारी घेवरचन्द बुरी तरह से मार रहे है और 2 किलो अफीम घर मे होने की बात कर रहे है । इस प्रकार बिना महिला पुलिसकर्मी के महिलाओं से गाली ग्लोज करते हुए घर की तलाशी ली लेकिन कुछ नही मिला ।
- यह कि उपरोक्त मामले मे विमंदित बबरू सिंह के परिवार व परिचित पुलिस थाना कानोड के हेड कास्टेबल श्री गोविन्द सिंह जी को फोन करके इस बारे मे 7:41 PM पर बताया तो उन्होंने बताया कि आपका भाई दिनभर पागलो की तरह हरकते कर रहा था और मन्दिर में पूजा का सामान और पैसे लेकर भाग रहा था तो पुजारी ने 20 रूपये देकर थाली वापस ली ।
- यह कि विमंदित बबरू सिंह के भाई अर्जुन सिंह ने पुर्व विधायक श्री रणधीर सिंह जी भिण्डर को 7:49 मिनिट पर इस घटना से अवगत करवाया है ।
- यह कि विमंदित बबरू सिंह के भाई अर्जुन सिंह ने समय रात 9:49 मिनिट पर थानाधिकारी घेवरचन्द को फोन लगाकर अवगत करवाया की मेरा भाई पागल है और इसके इलाज के दस्तावेज लेकर मे उदयपुर से कानोड आ जाता हुं । इस पर थानाधिकारी घेवरचन्द ने कहा सुबह आ जाना रात में कोई काम नही होगा ।
- यह कि यह सब घटनाक्रम और कार्यवाही शाम 6:30 से 9:40 तक का है जिसकी ताईद श्री थानाधिकारी घेवर चन्द कास्टेबल घेवरराम , हेड कास्टेबल गोविन्द सिंह व कांस्टेबल जालिम सिंह , हितेश शर्मा , चेतन प्रकाश की कॉल डिटेल लोकेशन से की जा सकती है ।
- यह कि बबरू सिंह से अफिम की बरामदगी 10:20 PM पर बताई और NDPS एक्ट की धारा 42, 50(1), 57 की पालना नही की गई जिसका विवरण निम्नानुसार है –
(1) NDPS एक्ट के 42 के नोटीस जारी ही नही किये और न उसकी पालना करवाई गई । रात्री 10:20 का समय बता कर खुद थानाधिकारी घेवरचन्द ने तलाशी ली और गवाह पुलिसकर्मीयो घेवरराम और जालिम सिंह को बनाया जो कि कुटरचित दस्तावेज तैयार कर अपराधिक कृत्य किया गया ।
(2) यह कि NDPS एक्ट की धारा 50 (1) के तहत तलाशी राजपत्रित अधिकारी एवं मजिस्ट्रेट से ली जानी थी जानबुजकर बरामदगी रात्री 10:20 का समय बताकर
इस तलाशी का खुद ही नोटीस देकर झुठी सहमति प्राप्त की । जबकी वास्तविक रूप से तलाशी 6:30 पर की जाती तो मेले में स्वतंत्र गवाहान और 5 किलोमीटर दुर कानोड से 100 राजपत्रित कर्मचारी मिल जाते पर थानाधिकारी घेवरचन्द और अन्य पुलिसकर्मी जालिम सिंह , हितेश शर्मा , चेतन प्रकाश ने अफीम की कॉमर्शियल मात्रा करने के लिए झुठी जब्तगी कर कुल 40 ग्राम अफीम बरमागी बताई है ।
(3) यह कि थानाधिकारी घेवरचन्द ने जानबुझकर उच्चाधिकारियो को देरी से सुचित किया ताकी रोजनामचे और FIR मे मनमर्जी से हेरफेर कर सके और ऐसा कृत्य कॉल डिटेल लोकेशन से और रोजनामचे आम व FIR से किया जा सकता है ।
- यह कि बबरू सिंह 17 अप्रेल 2019 को पुलिस थाना प्रतापनगर ज़िला उदयपुर में दुर्घटना होने से ब्रेन के महत्वपूर्ण हिस्से डेमेज होने से पुर्णतः मेन्टल रिटायर्ड व्यक्ति है ।
- यह कि बबरू सिह की दिनांक 15/03/2022 के महाराणा भुपाल राजकीय चिकित्सालय उदयपुर की चिकित्सा और दवाई की पर्ची में स्पष्ट उल्लेख है कि एब्युसिंग लेग्वेज , हकलाने , एबनोर्मल बिहेवियर वाला बता कर मेन्टल डिसेबल बताया गया है ।
- यह कि बबरू सिंह को पुरा कानोड़ और भिंडर तहसील में लोग मेन्टल रिटायर्ड और पागल ही समझते है और ये अक्सर सडको पर भीख मांगते रहते है और 7-7 दिनों तक घर से बाहर रहते है । इनको घर पर जंजिरो में बांध कर रखा जाता है जिसकी खबर समाचार पत्रो मे छपी है ।
- यह कि थानाधिकारी घेवरचन्द ने कांस्टेबल घेवरराम , जालिम सिंह ,हितेश शर्मा , चेतन प्रकाश साजिश के तहत बबरू सिंह से अफीम बरामदगी की और उनके रिश्तेदार व गांव के तखत सिंह जिनके अफीम का पट्टा है उनसे अफिम खरीदना बताया और राजेन्द्र सिंह झाला जो कि ढाणा मावली निवासी होकर गुजरात उदयपुर आते जाते रहते है । उन्हें सप्लाई करने जाना बताया जबकि बाबरू सिह मेन्टल रिटायर्ड है, उसका गुजरात अफीम सप्लाई करने जाना असंभव कार्य है । यह षड्यंत्र के तहत थानाधिकारी घेवरचन्द और कांस्टेबल घेवरराम, जालिम सिंह ,हितेश शर्मा, चेतन प्रकाश द्वारा किया गया ताकि उनको NDPS अपराध में फंसाकर उगाही कर सके ।
- यह कि थानाधिकारी कानोड घेवरचन्द ने NDPS एक्ट की धारा 58 व 59 का उल्लंघन किया है साथ ही स्वयं ने अफिम जब्तगी मे अफीम रख ( इम्प्लांट ) कर अफीम की मात्रा बढाई है जो NDPS एक्ट की धारा 8 में परिभाषित अपराध है, साथ ही रोजनामचा आम मे हेरफेर की है ।
जो राजस्थान पुलिस अधिनियम 2007 के तहत 3.39 में अपराध होकर 3.40 में बर्खास्तगी के प्रावधान है । - इस प्रकरण में विमन्दित व्यक्ति के जेब में अफिम रखने (इम्पलानट करने) करने वाले थानाधिकारी श्री घेवरचन्द , कांस्टेबल घेवरराम की अविलम्ब बर्खास्तगी कर NDPS एक्ट की धारा 8, 58, 59 तथा IPC की धारा 166A, 420,120b,466,467,468,471 के गिरफ्तारी सुनिश्चित की जावे ।
इस प्रकार सारे तथ्य व दस्तावेजी साक्ष्य के साथ थानाधिकारी सहित अन्य पुलिस कर्मियों के विरुद्ध दूषित अनुसंधान व साक्ष्य कुटरचना करने पर मुकदमा दर्ज करने हेतु परिवाद पेश किया है ।
