बनकोड़ा में पंचाहिका महोत्सव के तहत वरघोड़े में झूमे श्रद्धालु
पुण्यविमलजी महाराज के 50 वीं पुण्यतिथि को लेकर महोत्सव का आयोजन
आसपुर, प्रवीण कुमार कोठारी । बनकोड़ा के मिनी शत्रुंजय महातीर्थ के रूप में प्रसिद्ध रत्नागिरी तीर्थ पर शुक्रवार को चौथे दिन पंचानहिका महोत्सव के तहत वरघोड़ा निकाला गया। पुण्य विमल जी महाराज के 50 वी स्वर्गारोहण स्वर्ण महोत्सव के रूप में मनाया जा रहा है। विमल गच्छाधिपति आचार्य देव प्रद्युमन विमल सुरीश्वर महाराजा भाई महाराज एवं मगरवाड़ा गादीपति यतिवर्ये विजय सोम महाराज ,मुनि आज्ञा सागरजी महाराज तथा मुनि पदमा विमल महाराज आदि ठाना की निश्रा में सवेरे नित्य पूजा के बाद आदि पुण्य विमल संस्थान के द्वारा वरघोडा निकाला गया सकल जैन संघ के महिलाएं व युवाओं के द्वारा झमुते हुऐ वरघोड़ा चंद्रप्रभु देरासर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गो से होते हुए रत्नागिरी तीर्थ स्थल पर पहुंचा । शोभायात्रा में महिलाओं ने डांडिया रास व भक्ति गंगा बहाते हुए गुरुदेव के जयकारों से वातावरण धर्म मई कर दिया । जैन संतो का जगह जगह पर श्रद्धालुओं के द्वारा चावल से वधाया गया। दिन भर हो रहे है विविध आयोजन चतुर्विध संघ दैनिक आयोजनों के लाभार्थी परिवारों को ढोल नगाड़ों के साथ उसके निवास पर पहुंचकर तीर्थ लाया जा रहा है।

लाभार्थी परिवार गटुलाल छबीलाल भुपतावत के द्वारा सुबह नवकारसी, दोपहर शाम के स्वामी वात्सल्य तथा सिद्धचक्र पूजन का आयोजन किया गया रात्रि में भक्ति भावना विधीकारक नितिन भाई डिसा द्वारा तथा परमात्मा व गुरुदेव की नयनाकर्षित अंग रचना के दर्शन वंदन में लोगों का तांता लग रहा है। रात्रि को गरबा रास का आयोजन होगा गुजराती गायक कार जयकार भोजग के द्वारा गरबा रास के लाभार्थी परिवार गुरुदेव भक्त मंडल पालनपुर गुजरात

धर्म सभा का हुआ आयोजन _धर्म सभा में विमल गच्छाधिपति आचार्य प्रद्युमन विमल सुरीश्वर महाराज ने कहा कि पवित्र मन से पूजा करें तो वह सार्थक होती है। पूजा करते समय मन और भाव दोनों शुद्ध होने चाहिए। तभी आत्मा का कल्याण हो सकता है। पद्मावती जैसे महापूजन करने से कष्टों से मुक्ति मिलती है। जीव दया में पुण्य दान का पुरुषार्थ करना चाहिए ।धर्म ही आराधना उपासना में कमजोर ह्रदय को मजबूत बनाता है।
