इस साल केवल 100 दिन सरकारी विभागों में कामकाजी दिन : बीते 5 सालों में हफ्ते में सिर्फ 4 दिन ही हुआ काम

प्रदेश में किसी भी पार्टी की सरकार रही हाे, लेकिन पिछले 5 साल में जनता के कामाें के लिए दफ्तराें में औसतन 3.5 से लेकर 4 दिन मिल पाए हैं। लीप ईयर मिलाकर 1826 में से सिर्फ 961 दिन ऑफिसों में काम पूरी तरह हो पाए हैं। 235 दिन ताे विधानसभा, लाेकसभा, निकाय और पंचायत चुनाव की आचार संहिता में चले गए। 630 दिन शनिवार-रविवार सहित छुटि्टयां रहीं।

हर साल 104 शनिवार-रविवार और 32 अन्य के अवकाश शामिल हैं। 5 साल में कुल 630 दिन सरकारी दफ्तर छुट्‌टी पर रहे हैं। वर्ष 2023-24 सबसे ज्यादा प्रभावित रहा। विधानसभा चुनाव में 57 दिन आचार संहिता, लाेकसभा में 83 दिन की आचार संहिता, नवंबर-दिसंबर में 128 निकायों के चुनाव हैं, अक्टूबर में आचार संहिता लग सकती है।

142 दिन छुट्‌टी, 83 दिन आचार संहिता, नवंबर-दिसंबर में निकाय चुनाव…

साल 2024 में 130 सार्वजनिक और 12 ऐच्छिक अवकाश हैं। छुट्‌टी के बाद 223 दिन बचते हैं। इसमें 83 दिन की आचार संहिता को घटाएंगे तो 140 दिन रहते हैं। इस साल के अंत में निकाय चुनाव में 40-45 दिन की आचार संहिता लग सकती है… ताे दफ्तरों में 100 दिन से कम काम हाेगा!

निकाय-पंचायत चुनाव के चरणाें की आचार संहिताएं शेष हैं…

लोकसभा चुनाव के बाद नवंबर-दिसंबर में 128 निकायों में चुनाव होने हैं। अक्टूबर मध्य से दिसंबर मध्य तक आचार संहिता लग सकती है। इन निकायों में तीन नगर निगम, 18 नगर परिषद और 28 नगर पालिकाओं सहित नवगठित 89 पालिकाओं में चुनाव होने हैं। हालांकि निकाय चुनाव की आचार संहिता संबंधित क्षेत्रों में लागू रहेगी। जिन क्षेत्रों में आचार संहिता लागू होगी, वहां पर सरकारी योजनाओं को गति नहीं मिलेगी।

नवंबर-दिसंबर में जिन निकायों में चुनाव होने हैं उनमें भरतपुर, बीकानेर और उदयपुर नगर निगम हैं। इसके अलावा ब्यावर, अलवर, भिवाड़ी, बांसवाड़ा, बाड़मेर, बालोतरा, चित्तौड़गढ़, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झुंझुनूं, मकराना, पाली, सीकर, सिरोही और टोंक नगर परिषद के चुनाव होंगे।

पुष्कर, नसीराबाद, थानागाजी, परतापुरगढ़ी, छबड़ा, मांगरोल, रूपवास, निंबाहेड़ा, रावतभाटा, राजगढ़, महुआ, सूरतगढ़, भीनमाल, बिसाऊ, पिलानी, फलौदी, कैथून, सांगोद, डीडवाना, सुमेरपुर, आमेट, नाथद्वारा, नीमकाथाना, खाटूश्यामजी, माउंट आबू, पिंडवाड़ा, शिवगंज, और कनोड़ नगर पालिका में भी चुनाव होने हैं।

काम पर असर

  • जनहित से जुड़े फैसले, विकास कार्याें की घाेषणाओं पर असर।
  • भर्ती से परिणामाें तक असर।
  • आमजन के दफ्तरों से जुड़े छाेटे -बड़े कार्यों में देरी।
  • क्षेत्र विकास पर आर्थिक असर।

2025: शुरू में पंचायत चुनाव

2025 की शुरुआत में 6,759 पंचायतों के चुनाव होंगें। हालांकि सिर्फ पंचायत क्षेत्र में ही आचार संहिता लागू रहेगी।

0
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!