गर्लफ्रेंड के साथ अय्याशी और मोज मस्ती करने के लिए पोते ने चचेरी दादी को उतारा मौत के घाट

सलूंबर जिले में 9 दिन पहले गींगला थाना क्षेत्र में एक महिला के ब्लाइंड मर्डर का सलूंबर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जिसने इस अपराध को कबूल किया है। आरोपी ने जिस महिला को मौत के घाट उतारा वह उसकी चचेरी दादी थी।

सलूंबर एसपी अरशद अली ने बताया कि गींगला थाना क्षेत्र की इस घटना को लेकर पुलिस ने टीमों का गठन कर पूरे मामले के हर पहलू पर जांच की और आरोपी तक पुलिस पहुंची। एसपी ने बताया कि पुलिस की गहन जांच और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मृतक के परिवार का ही वासा गांव निवासी पोता नरेश नागदा (23) पुत्र शांतिलाल नागदा को केनपुरा चौराहा से गिरफ्तार किया गया।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की भी मदद ली। ऐसा लगा कि वारदात में कोई करीबी होगा और जब उसे पकड़ा तो वह उसका पोता ही निकला था। उसने महिला का गला दबा दिया और करीब 100 मीटर दूर ले जाकर उसे झाड़ियों में डाल दिया और उसके पैरों की कड़ियां निकाल दी। आरोपी से पुलिस ने पूछताछ की तो उसने इस घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। पूछताछ में सामने आया कि घटना के बाद आरोपी महिला के दाह संस्कार से लेकर शोक बैठक में भी शामिल हुआ था।

पुलिस के अनुसार बाद में आरोपी अपनी गर्लफ्रेंड के साथ कुछ समय गींगला के समीप एक होटल में रहा तो कुछ समय उदयपुर में भी उसने बिताया। जहां पर मृतका के निकाले गहनों से ऐशो आराम किया। गींगला पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अय्याशी और मौज मस्ती के लिए रुपए की जरूरत होने पर इस घटना को अंजाम दिया था। गींगला पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने अय्याशी और मौज मस्ती के लिए रुपए की जरूरत होने पर इस घटना को अंजाम दिया था।

आरोपी मुंबई में कबाड़ का काम करता था

पुलिस ने बताया कि आरोपी मुंबई में कबाड़ का काम करता था। वहां कोई पुलिस का मामला बना तो वहां से भागकर यहां आया। दो माह से वह गांव में ही रह रहा था। पैसों की तंगी के चलते इस तरह के अपराध को लेकर ही वह घूम रहा था।

एसपी ने इस मामले में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार बुटालिया ,सलूंबर पुलिस वृत्ताधिकारी हितेश कुमार मेहता के नेतृत्व में गींगला थानाधिकारी पूनमचंद खाट, संत कुमार,मोहनलाल,विक्रम सिंह, भाकराराम, ओमप्रकाश, शैलेंद्र, कैलाश कुमार की टीम बनाई।

यह था पूरा मामला

20 अप्रेल की घटना थी। उथरदा गांव में प्रतिदिन की तरह वासा गांव की वृद्धा दोली बाई (73) पत्नी धूलजी नागदा भैंसों को चराने लेकर गई थी। शाम को भैंसे घर आ गई लेकिन वहं नहीं आई तो परिजनों ने ढूंढा तो 20 अप्रेल 2024 को नदी में खेत के पास मृत अवस्था में मिली थी।

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