जयपुर एयरपोर्ट पर पकड़ा गया एक किलो सोना,मोजे के अंदर छुपाकर लाए,जोधपुर में भी ट्रेन में पकड़ा 4 करोड़ का गोल्ड

कस्टम विभाग ने रविवार को दो अलग-अलग कार्रवाई में तस्करी का 7.8 किलो सोना जब्त किया। पहली कार्रवाई जयपुर एयरपोर्ट पर की गई। सुबह मस्कट की फ्लाइट से आए शेखावाटी निवासी यात्री की जांच में मोजे के अंदर पेस्ट फॉर्म में 64.87 लाख का 995 ग्राम सोना बरामद किया। उधर, जोधपुर में भी एक कार्रवाई को अंजाम दिया गया।

मुंबई से तस्करी कर राजस्थान ला रहे 4 करोड़ रुपए के सोने के साथ दो लोगों को कस्टम विभाग ने जोधपुर में गिरफ्तार किया है। दोनों तस्कर ट्रेन में डेगाना उतर कर छोटी खाटू जाने वाले थे। दोनों को ट्रेन के स्लीपर कोच में इनकी सीट से ही पकड़ लिया। बरामद सोने का वजन 6.3 किलो है। सोना कैप्सूल रूप में छिपाया गया था। जिसे खाड़ी देश से तस्करी कर मुंबई और वहां से राजस्थान में पहुंचाया जा रहा था।

28 फरवरी को चूरू स्टेशन पर पकड़ा गया था 2 करोड़ 68 लाख रुपए का सोना

28 फरवरी को चूरू स्टेशन पर 3.15 बजे के करीब ट्रेन के पहुंचने पर दो तस्करों को डीआरआई की टीम ने पकड़ा था। स्टेशन पर सर्च के दौरान दोनों बदमाशों के पास से 4 किलो 200 ग्राम गोल्ड के बिस्किट मिले थे। जो करीब 2.68 करोड़ के थे। इस पर डीआरआई की टीम दोनों तस्करों को लेकर जयपुर ले आई थी। कोर्ट के सामने पेश किया। कोर्ट ने आगे की जांच को देखते हुए दोनों को अभी जेल भेज दिया था।

20 दिन पहले भी जयपुर एयरपोर्ट पर पकड़ा गया सोना

करीब 20 दिन पहले मस्कट (ओमान) से जयपुर आए प्लेन में बैठे दो पैसेंजर से 2 किलो सोना बरामद किया गया था। दोनों तस्कर राजस्थान के रहने वाले थे। जो जयपुर में सोने की सप्लाई देकर दिल्ली से दूसरी फ्लाइट के जरिए फिर मस्कट जाने वाले थे। दोनों को जयपुर एयरपोर्ट पर उतरने के बाद पकड़ लिया गया था। दोनों ने सोने को प्राइवेट पार्ट (रेक्टम) में छुपा रखा था। इसकी बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 33 लाख 84 हजार रुपए थी।

गोल्ड तस्करी के 2 नए ट्रेंड

साड़ी में सोने के धागों से वर्क कराना, प्लेन में सीट के नीचे छुपा कर लाना, ट्रॉली बैग, प्रेस, सिलाई मशीन, टॉर्च, इंडक्शन कुकर, रेडियो और अन्य इलेक्ट्रॉनिक चीजों में और जूतों के अंदर गोल्ड छिपाकर तस्करी के 10-12 तरीके अब पुराने हो चुके हैं। नए तरीके हैरान करने वाले हैं…

कंडोम में गोल्ड को पेस्ट बनाकर रेक्टम (गुदा) में छुपाकर लाया जा रहा है।

अंडरगारमेंट्स के अंदर गुप्त पॉकेट बनाकर।

तस्करी के लिए बदल देते हैं गोल्ड का रंग और फॉर्म

गोल्ड एक कठोर और दुनिया की सबसे महंगी धातुओं में से एक है। तस्करी के लिए सबसे पहले इसकी पहचान सुनहरे रंग को ही बदल देते हैं। केमिकल के जरिए सोने को व्हाइट या पिंक कर दिया जाता है। ताकि एयरपोर्ट पर सामान खुलवाकर कोई अधिकारी चेकिंग करे तो उसकी समझ में नहीं आए कि ये क्या चीज है।

दूसरा तरीका गोल्ड को लिक्विड पेस्ट में बदलने का है। इससे गोल्ड एक जेल की तरह बन जाता है, जिसे किसी भी आइटम में आसानी से भरा जा सकता है। अगर कोई महिला यात्री है, तो वह उसे नेल पॉलिश की डिब्बी में भी भरकर ला सकती है।

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