सारंग की मासिक काव्य गोष्ठी आयोजित
विनोद कुमार रेगर
गंगापुर (भीलवाडा) । डेलाणा में हुआ साहित्यिक रंगत गंगापुर की मासिक काव्य गोष्ठी(सारंग) का आयोजन सहाड़ा-रायपुर क्षेत्र के प्रसिद्ध साहित्यकारों ने पढ़ी रचनाएं साहित्यिक रंगत गंगापुर (सारंग) ग्रुप की ओर से रविवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय डेलाणा के सभागार में काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की शुरुआत उपन्यासकार अक्षयराजसिंह झाला, राष्ट्रीय कवि बद्री बसंत,सुरेन्द्र सिंह बडवा ,मोहनसिंह राजपुत ने सरस्वती मां के समक्ष दीप प्रज्वलन कर की,गीतकार मूमल राजगोपाल ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की साहित्यकार एवं अतिरिक्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी अक्षयराजसिंह झाला ने बतौर कार्यक्रम के अध्यक्ष इस गोष्ठी में शिरकत की उन्होंने अपनी बेहतरीन ग़ज़लों से समा बांधते हुए मैं तो खामोश सितारों की कहानी यारों बेजुबा नूर के धारों की जुबानी यारों ग़ज़ल पढ़ी एवं सारंग समूह की साहित्य के प्रति प्रेम और योगदान की प्रशंसा की और नवोदित साहित्यकारों से रचना में भावपक्ष और कला पक्ष में सामंजस्य रखने का आह्वान करते हुए आगामी दिनों में सारंग समूह के अधिवेशन का प्रस्ताव रखा। मुख्य अतिथि राष्ट्रीय मंच संचालक और कवि बद्री बसंत ने साहित्यिक रंगत गंगापुर सारंग द्वारा किए जा रहे प्रयासों को सबके समक्ष रखा एवं अपनी टिप्पणियों के साथ काव्य पाठ किया कवि देवकिशन मेघांश ने गीत में तिनका चुन चिड़िया ने नीड़ बसेरा जोड़ा है ग़ज़ल विधा में महंगा बाबा का निवाला लगता है, माँ की दवा का खर्च दिवाला लगता है पढ़कर समां बांधा।
गीतकार मूमल राजगोपाल ने मेरे ख्वाबों में जो आए वो हसीना कौन है कवयित्री वर्षा सेन ने जीवन के हर पल में घुले हुए हैं आंसू सुरेन्द्र सिंह बड़वा ने रचना लिखने के बीच डायलोग आ जाते हैं। लखन बोराणा ने दिल का मामला है ईश्वर अनंत ने “म्हारी बात पे ध्यान लगाओ जी,मृत्यभोज पे रोक लगाओ जी”गीत पढ़कर सबका ध्यान आकर्षित किया उदय नारायण शर्मा ने एक शख़्स आईने में वो कौन उतर आता है जगदीश जगत ने राजस्थान की आन-बान सारे जग में निराली है विशाल गर्ग ने पशु प्रेम को उकेरा मंच संचालन ईश्वर अनंत ने किया इस दौरान मोहनसिंह राजपूत,विशनाराम लेघा, भैरूलाल सेन किशन शर्मा समेत कई श्रोता गण भी मौजूद रहे।
