अध्यापक ने बच्चो को गौरैया सरक्षण हेतु जागरूक किया
डीपी न्यूज़ : गजेंद्र मालवीया
एक चिड़िया,अनेक चिड़िया,दाना चुगने आई चिड़िया,,,,,,,,,,गौरैया से जुड़ा ये गीत और कई छोटी मोटी कविताएं हमने बचपन में पढ़ी और सुनी हे।प्राचीन काल से ही गौरैया मानव जाति की सहचरी रही है। उल्लास,परंपरा,स्वतंत्रता और संस्कृति की संवाहक गौरैया की संख्या दिनों दिन घटती जा रही हे। इनकी संख्या लगातार घटने से शहरी जीवन और जैव विविधता के बीच एक बहुत बड़ा शुन्य पैदा होता जा रहा है। बगीचों से लेकर खेतो तक हर जगह इनकी गिरावट को देखते हुए इनको संकट ग्रस्त पक्षियों की रेड लिस्ट में शामिल किया गया है।

इस झुलसा देने वाली गर्मी से इन्हे बचाने और इनको आश्रय देने के लिए मगवास निवासी पक्षी और पर्यावरण मित्र अध्यापक नरेश लोहार के प्रयासों से प्रधानाध्यापक लाल सिंह जी की उपस्थिति में अध्यापक गणेश लोहार द्वारा विद्यानिकेतन माध्यमिक विद्यालय झाड़ोल के छात्रों को बर्ड हाउस बाटकर गौरैया को बचाने हेतु प्रेरित किया और आम लोगो से अपील की हे की सभी अपने घरों की बालकनी, छतों, बाड़े व पेड़ो पर इनके लिए गरोंदे,परिंडे व बाजरा पात्र लटकाए तो ये नन्ही सी चिड़िया हमारे आसपास फिर से फुदकने लगेगी।
