पाराशर आश्रम पर चल रही सात दिवसीय कथा का तीसरा दिन
कन्हैयालाल मेनारिया
राज्यावास :- मेवाड़ के तीर्थ स्थल मातृकुण्डिया मे पाराशर आश्रम पर चल रही सात दीवसीय कथा के तीसरे दिन जगतगुरु शंकराचार्य ज्ञानानन्द तीर्थ ज्योतिमठ भानपुरा अवान्तर मध्यप्रदेश के मुखारविंद से भागवत् कथा मे कहा कि इस सृष्ठी मे चार युग हुऐ । सतयुग , तेत्रायुग , द्वापर , व कलयुग ये युग लाखो साल के थे और कलयुग चार लाख बतीस हजार का होगा । मनुष्य को सुर्यास्त के समय चार काम नही करने चाहिए ।पहला भोजन नही करना , दुसरा शयन नही करना , अध्ययन नही करना व सन्तान प्रक्रिया नही करनी चाहिए । सूर्यास्त के समय ये कार्य करने पर रोग , नैत्र कि ज्योति कम होती , बुद्धि मे जड़ता आती व सन्तान प्रक्रिया मे सन्तान मे दुष्टता आती है । आज इस कथा के मोके पर चितौड़गढ़ के पुर्व सांसद श्री चन्द कृपलानी , कपासन विधायक अर्जुन जीनगर , व चितौड़ के पुर्व जिला प्रमुख मिठुलाल जाट ने भी कथा का श्रवण कर गुरुदेव से आशीर्वाद लिया । कथा के अन्त मे भागवत् पोथी कि आरती कर प्रसाद वितरण किया ।
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