गर्मी से बचने के लिए तीन प्राणायाम करें : योग विशेषज्ञ विनोद कुमार रेगर
(1) शीतकारी प्राणायाम : इस प्राणायाम के अभ्यास से शरीर में ऑक्सिजन की कम दूर होती है और शारीरिक तेज में वृद्धि होती है। मूलत: यह चेहरे की चमक बढ़ाकर सौंदर्य वृद्धि करता है। इसके अभ्यास से भूख-प्यास, नींद आदि नहीं सताते तथा शरीर सतत स्फूर्तिवान बना रहता है।
इससे शरीर में स्थित अतिरिक्त गर्मी समाप्त होती है जिससे पेट की गर्मी और जलन कम हो जाती है। इसके नियमित अभ्यास से ज्यादा पसीना आने की शीकायत दूर होती है
(2) शीतली प्रणायाम : हमारे दिमाग और शरीर को ठंडा रखता है तनाव और चिंतो को दूर भगाता है डिप्रेशन को दूर भगाने में रामवाण की तरह काम करता है ये प्राणायाम गले की बीमारी और क्रोध पर नियंत्रण के लिए अच्छा है भूख, प्यास और रक्तचाप को भी नियंत्रित करने में मदद करता है
(3) भ्रामरी प्राणायाम : मन को शांत करता है और शरीर को फिर से जीवंत करता है स्वाद और सुगंध के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाता है तनाव और चिंता से राहत देता है आवाज को मधुर बनाता है और स्वर-तंत्र को मजबूत करता है गले की परेशानी का इलाज करता है
ब्लड प्रेशर को संतुलित करता है
एकाग्रता में सुधार करता है
