मुख्यमंत्री के राहत कैंप से घर 2 किलोमीटर दूर ,मेवाड़ की बेटी के घर बैठने नहीं गए – सर्व समाज
उदयपुर,नितेश पटेल । मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मावली आए लेकिन मेवाड़ की बच्ची के घर बैठने नहीं गए। यह बहुत ही दुख की बात है। मुख्यमंत्री के राहत कैंप से मात्र दो किलोमीटर की दूरी पर दुष्कर्म और 10 टुकड़ों को दर्द झेलने वाली मृतक बच्ची का गांव है,लेकिन मुख्यमंत्री वहां नहीं गए।मावली के मेला ग्राउंड में आगामी 14 मई को आदिवासी सर्व समाज एवं किंग सेना की ओर से बुलाई गई महापंचायत की मंगलवार को आयोजित प्रेस वार्ता में वक्ताओं ने यह बात कही।
आदिवासी भील समाज उदयपुर संभाग प्रभारी देवीलाल भील ने कहा कि यह बहुत दुख का विषय है कि इस मामले में जिस तरह की संवेदनशीलता राज्य सरकार को दिखानी चाहिए थी वह उसमें विफल रही है।राजस्थान आदिवासी संघ प्रदेश उपाध्यक्ष पेमा गमेती ने कहा कि दुष्कर्म और 10 टुकड़ों की नृशंसता का शिकार हुई मेवाड़ की बेटी को अभी तक न्याय नहीं मिला है।चालान पेश करने में पुलिस की देरी और सक्षम न्यायालय में मामले में रोज सुनवाई नहीं होने से मेवाड़ का आदिवासी एवं सर्व समाज आक्रोशित है।रोड सिंह राव ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से भी पीड़ित परिवार को अभी तक ऊंट के मुंह में जीरा समान सहायता दी गई है। आदिवासी भील समाज जिला अध्यक्ष धनराज अहारी ने कहा कि मुख्यमंत्री का मावली आना और दो किलोमीटर की दूरी पर पीड़ित परिवार के बीच नहीं जाना। बहुत दुखद है।
मेवाड़ की बेटी को न्याय दिलाने के लिए आदिवासी सर्वसमाज की महापंचायत 14 मई को
आरोपियों की हो जल्द फांसी की सजा
पीड़िता के परिवार को 1 करोड़ रु. की सहायता और मिले सरकारी नौकरी
दुष्कर्मियों की संपति हो नीलाम, कानून में हो संशोधन
मृतका बच्ची की याद में बने मंदिर और लगे हर साल मेला
आदिवासी,डांगी, जाट, राजपूत, ब्राह्मण, गुर्जर, एससी, व्यापारी वर्ग के हजारों लोग महापंचायत में होंगे शामिल
