खेड़ा खूंट बावजी मंदिर के पाटोत्सव :- एक शाम खेड़ा खूंट भेरुजी के नाम भव्य भजन संध्या का हुआ आयोजन, भोर तक डटे रहे श्रोता
मेणार वाली धरती ऊपर जाऊ जी बलिहारी, खेडा खूंट भेरुजी बिराजे भजनों पर खूब थिरके श्रद्धालु
बाँसड़ा,कन्हेयालाल मेनारिया । मेनार में प्राचीन स्थानक खेड़ा खूंट बावजी मंदिर के पाटोत्सव को लेकर सोमवार रात्रि समस्त ग्रामवासी मेनार के तत्वावधान में एक शाम खेड़ा खूंट भेरुजी के नाम भव्य भजन संध्या का आयोजन हुआ, जिसमें सुर सरिता की ऐसी अमृत रसधारा की गंगा बही कि भोर तक श्रद्धालु डटे रहे। भोर तक चली भजन संध्या में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेते हुए बालाजी, भेरुजी, माताजी श्रीराम जी के जयकारों से पांडाल गुंजायमान कर दिया। वही ग्रामवासियों द्वारा मंदिर एवं पूरे परिसर को 2 क्विंटल फूलों व आकर्षक दूधिया रोशनियों से सजाया गया तथा भेरुजी की आंगी की गई और आकर्षक श्रृंगार किया गया। रात्रि 12 बजे महाआरती हुई और भेरुजी को सवा मण लड्डू का भोग धराया।
भजन संध्या की शुरुआत भजन गायक मनीष मेनारिया ने गणपति वंदना, गुरू वंदना मैं जावा वारी वारी, मैं जावा बलिवारी, ओजी मारा सतगु उदित रू आया मारे आंगणे से की। ततपश्चात मशहूर भजन गायक नरेश प्रजापत ने झालर शंख नगाड़ा बाजे रे, सालासर मंदिर में, हनुमान विराजे रे, मेणार वाली धरती ऊपर जाऊ जी बलिहारी, खेडा खूंट भेरुजी बिराजे, मेनार वाला खेड़ा खूंट भेरुजी थने जातरी बुलावे, जातरी बुलावे भेरुजी का लाड़ लड़ावे भजनों से समा बांध सिया, वही मेवाड़ा मेनार सोवतो रणबंका मेनारिया….माला रो मणियो, भजन वाली डोरी, आच्या घरा में पोयो जमारो, माया जाल में खोयो भजनों से देर रात तक श्रद्धालुओ को झूमने पर मजबूर कर दिया और युवक, युवतियां, महिलाएं खूब थिरकी। भजन संध्या में कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुतियों से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। झांकी ग्रुप द्वारा माताजी, संकटमोचन बजरंग बली, राधेकृष्ण, भेरूजी की मनमोहक झांकियो की प्रस्तुतियो से दर्शकों को भोर तक रोके रखा।
इसी बीच देर रात्रि राजस्थान के भजन सम्राट प्रकाश माली मेनार की पावन धरा खेड़ाखूंट भेरुजी बावजी पहुंचें, जहां भेरूजी के दर्शन उपरांत भजन संध्या पांडाल में पहुंचे तो श्रद्धालुओं की तालियों की गड़गड़ाहट एवं माताजी, भेरुजी के जयकारों से पूरा पांडाल भक्तिमय बन गया, वही भजन सम्राट का श्रोताओं ने तालियों से स्वागत किया, तो प्रकाश माली ने हाथ जोड़कर सभी का अभिवादन किया। भजन गायक प्रकाश माली ने अपनी मधुर आवाज से थांने विनती करूं मैं बारम्बार, जगदम्बा म्हारी अरज सुणो, मैं लुळ लुळ लागूं थारे पाँव, मेनार अम्बे माँ अरज सुणो, हे कालरात्रि हे कल्याणी, तेरा जोड़ धारा पर कोई नही, मेरी मां के बराबर कोई नही भजनों से खूब तालियां व वाहवाही लूटी। कार्यक्रम में भजन लेखक सुरेश सुथार भजन संध्या में शामिल हुए, साथ ही बाल कलाकार अनंत लौहार ने भी भजनों की प्रस्तुतियों से श्रोताओं के मन मोहा। भजन संध्या का संचालन मनोज पुष्करणा ने किया। पूरे कार्यक्रम को एलईडी बड़ी स्क्रीन पर दिखाया गया, साथ ही इस पूरे कार्यक्रम को अम्बिका लाइव द्वारा लाइव प्रसारण किया गया।
इनका किया सम्मान
कार्यक्रम के बीच में रणीया धूणी के गुरु महाराज, पंचायत समिति वल्लभनगर प्रधान देवीलाल नंगारची, पूर्व उपप्रधान मोहनलाल मेनारिया, भजन सम्राट सुरलहरी प्रकाश माली, भजन गायक नरेश प्रजापत, मनीष मेनारिया, भजन लेखक सुरेश सुथार, भाजपा वल्लभनगर हिम्मत सिंह झाला का भेरुजी की तस्वीर, तिलक, मोटडा, उपरणा पहनाकर स्वागत सत्कार किया गया। भजन संध्या मेनार सहित आसपास के गाँवो के बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
