हमारे आराध्यदेव सहस्त्रबाहु अर्जुन जी के लिए धीरेंद्र शास्त्री का बयान दुर्भाग्यपूर्ण : कलाल समाज
उदयपुर,विनोद कुमार रैगर । कलाल समाज के आराध्यादेव राज राजेश्वर अर्जुन देव के लिए बागेश्वर धाम के पंडित धीरेंद्र शास्त्री द्वारा सोशल मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो में बेहद निम्न स्तर के शब्दों के उपयोग एवम हेहयवंशी क्षत्रिय राजाओं हेतु अभद्र टिप्पणी को लेकर कलाल समाज में रोष व्याप्त हो गया है..उल्लेखनीय है कि देश के विभिन्न राज्यों में कलाल समाजजन इसके खिलाफ मुखर हुए है.. मध्य प्रदेश, झारखंड उत्तर प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि में कलाल समाज के विभिन्न संगठनों ने धीरेंद्र शास्त्री के सार्वजनिक माफी ना मांगने की स्थिति में उनके खिलाफ FIR दर्ज कर उचित कानूनी कार्रवाई करने का मुद्दा उठाया है..
कलाल महासभा के सूर्यप्रकाश सुहालका ने बताया कि जिस लंकापति रावण को काबू में करने के लिए श्री राम को हजारों सैनिकों एवम वानर सेना की आवश्यकता पड़ी थी, उसी रावण को अकेले सहस्त्रबाहु अर्जुन ने युद्ध में अकेले परास्त करके लंबे समय तक बंदी बना कर रखा था एवम बाद में रावण के पिता द्वारा माफी मांगने पर उसे रिहा किया था..वेदों पुराणों में जिनकी व्याख्या एक चक्रवर्ती, सर्वप्रिय, महादानी, पराक्रमी, प्रजाप्रेमी सम्राट के रूप में की गई है, ऐसे कार्तविर्य वंशज सहस्त्रबाहु अर्जुन के लिए अनर्गल बयानबाजी करना धीरेंद्र शास्त्री को शोभा नहीं देता.. या तो नादानी में उठाया हुआ कदम या फिर यह धार्मिक उन्माद पैदा करने की कोशिश प्रतीत होती है..भगवान परशुराम के बहाने शास्त्री ने करोड़ों कलाल समाज के वंशजों की गरिमा को आघात पहुंचाया है और कलाल और ब्राह्मण समाज में वैमनस्य उपजाने का कुत्सित प्रयास किया है.. उदयपुर सर्व कलाल समाज के प्रनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर एवम पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन रूपी शिकायत पत्र सौंप कर कानून सम्मत कदम उठाने की मांग की है..नरेश पुरबिया ने बताया कि ज्ञापन देने वालों में लोकेश चौधरी, सत्यनारायण टांक, कैलाश चौधरी, अशोक चौधरी, सूर्यप्रकाश सुहालका, देवीलाल चौधरी, राणा जायसवाल, भेरूलाल कलाल, उत्तम सुहालका, दीपक मेवाडा, प्रवीण टांक, दीपक चौधरी एवम सभी समाज वर्ग (चौधरी, टांक, सुहालका, पुर्बीया, वेगड़ा, जायसवाल) के प्रतिनिधि सम्मिलित थे..सभी ने कहा कि मेवाड़ के एकलिंगनाथ की धरा पर तो सहस्त्रबाहु मंदिर भी बना हुआ है.. शास्त्री ने मेवाड़ के वाशिंदों को भी ढेस पहुचाई है..
शास्त्री को सार्वजनिक माफी मांगनी चाहिए अथवा भारत भर में उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया जाएगा ..
सधन्यवाद
