मेनार माँ अंबामाताजी का अष्टम् पाटोत्सव ◆ शोभायात्रा में पूरा मार्ग अबीर, गुलाल के साथ केसरिया रंग से पटा रहा, हजारों श्रद्धालु बने साक्षी
शोभायात्रा में सभी भक्तगण पारंपरिक वेशभूषा धोती, कुर्ता एवं लाल पाग में हुए शामिल
हवन की पूर्णाहुति के बाद हुआ महाप्रसादी का आयोजन, महाप्रसादी के साथ ही दो दिवसीय कार्यक्रम का हुआ समापन
बाँसड़ा,कन्हैयालाल मेनारिया । मेनार ब्रह्म सागर की पाल पर स्थित क्षेत्र की मुख्य शक्तिपीठ कुलदेवी माँ अम्बामाताजी के ध्वजादण्ड एवं कलश स्थापना का अष्टम् पाटोत्सव मंगलवार को महाप्रसादी एवं विभिन्न मांगलिक कार्यों के साथ समापन हुआ। इससे पुर्व सोमवार रात रात्रि जागरण हुआ। पाटोत्सव को लेकर माताजी का विशेष श्रृंगार किया गया तथा पूरे मंदिर को फूलों एवं रोशनियों से सुसज्जित किया। इस आयोजन का लाभ मेनारिया ब्राह्मण समाज, निचली पोल, मेनार द्वारा लिया जा रहा है।


मंगलवार सुबह 9 बजे माता की प्रतिमा को ढोल एवं गाजे बाजे जयकारों के उदघोष के साथ मंदिर के गर्भगृह से फूलों से सुसज्जित रथ में विराजित किया गया। तत्पश्चात रथयात्रा शुरू हुई जो अंबामाता जी से शुरू होकर नीम का चौक, जवाहर नगर, आमलिया बावजी, थम्ब चौक, सीनियर सेकेंडरी स्कूल मार्ग, गणेश घाटी, निचली पोल, हैरी, विकाजी मेहता चौक होते हुए पुनः मंदिर पहुँची। शोभायात्रा में सबसे आगे युवक धर्म का प्रतीक ध्वज लेकर चल रहे थे। रथ में बैठे ग्रामीण प्रसाद वितरित करते चल रहे थे। शोभायात्रा में बैंड बाजे पर मधुर बजते धार्मिक गीतों पर युवक, युवतियां नाचती गाती चल रही थी, पूरा मार्ग अबीर, गुलाल के साथ केसरिया रंग से पटा रहा। बैंड बाजे व श्रद्धालुओं द्वारा लगाए जा रहे जय माता दी के गगनभेदी जयघोष से वातावरण गूंजायमान हो उठा। वही धार्मिक बजते गीतों से वातावरण भक्तिमय मना हुआ था। शोभायात्रा में सभी भक्तगण पारंपरिक वेशभूषा धोती, कुर्ता एवं लाल पाग में शामिल हुए। शोभायात्रा में गांव के अनेक स्थानों पर ड्रोन से पुष्प वर्षा की गई और रास्ते में श्रद्धालुओं ने माता को श्रीफ़ल, अबीर, गुलाल भेंट कर माता को प्रसन्न किया। शोभायात्रा के मंदिर पहुँचने पर आरती होने के बाद प्रसाद वितरण किया गया। शोभायात्रा में सैकड़ों श्रद्धालुओ से एक किलोमीटर तक रास्ते जाम रहे।
हवन की हुई पूर्णाहुति
पाटोत्सव को लेकर मंदिर प्रांगण में दो दिवसीय विभिन्न प्रकार के मांगलिक कार्य, हवन अनुष्ठान हो रहे हैं। मंगलवार सुबह 10 से मंदिर के सामने स्थित यज्ञशाला में यजमानो द्वारा पंडित तुषार नागदा, सराड़ी के सानिध्य में पूर्ण मंत्रोचार के साथ हवन किया गया, तत्पश्चात दिन में 12:15 बजे हवन की पूर्णाहुति हुई। हवन की पूर्णाहुति होने के पश्चात 3 से अंबामाताजी पंचायती नोहरा में महाप्रसादी का आयोजन शुरू हुआ, जो आयोजन देर रात 7:30 बजे तक चलता रहा। जिसका लाभ हजारों लोगों ने लिया। महाप्रसादी में मेनार सहित आसपास के गांव रुण्डेड़ा, वाना, खरसान, नवानिया, खेरोदा, ईंटाली, रोहिड़ा, निलोद, बांसड़ा, केदारिया, बाठरड़ा खुर्द, चौरवड़ी, चौकड़ी, वल्लभनगर, गवारड़ी, विजयपुरा, फतहनगर एवं अन्य गाँवो के श्रद्धालु शामिल हुए।
