पिता और पुत्री का संबंध अटूट होता है : साध्वी सरस्वती

भींडर । भारतीय नववर्ष स्वागत समिति के तत्वाधान में शुक्रवार से रेलवे स्टेशन स्थित कृषि उपज मंडी में शुरू हुई राष्ट्रोत्थान श्री राम कथा के पांचवे दिन साध्वी सरस्वती दीदी के मुखारविंद से कथा में कहा की शत्रु भी हो तो राम जैसा गीता शांति का पाठ नहीं क्रांति का पाठ है जनकपुरी की सुंदरता का वर्णन अद्भुत पावनपुरी चारों भाइयों का विवाह धूमधाम के साथ हुआ पिता और पुत्री का संबंध अटूट होता है जनक जी द्वारा पुत्रियों की विदाई दी कनक भवर अयोध्या में केकयी ने विश्वकर्मा को बुलाकर बनवाया वह उपहार सीता को स्वरूप दिया महिला या पुरुष को श्रृंगार करना चाहिए पर कहा करना चाहिए सबके सामने नहीं
यमराज के पत्र पोस्ट ऑफिस से नहीं आते पहला पत्र श्वेत बाल द्वितीय पत्र कान से कम सुनना तीसरा पत्र आंखों से कम दिखना चौथा पत्र दांतो का टूटना देवों ने मां सरस्वती को अवध में बुद्धि भेजने के लिए भेजा गंगा की मती भ्रमित कि केकयी की शौर्य प्रेम का वर्णन किया प्राण जाए पर वचन न जाए रघुवंश उर्मिला चरित्र का वर्णन राम बनवास का भाव विहल वर्णन केवट प्रसंग की शुरुआत राम लक्ष्मण सीता की तपस्वी वेश झांकी सजाई गई। कथा को सुनने के लिए पूरा पंडाल खचाखच भरा रहा। कथा के दौरान कवि अनिल शर्मा की ओजस्वी वाणी से कविता पाठ का वर्णन किया। वही सोमवार रात्रि में साध्वी सरस्वती ने निकटवर्ती हिता गांव में धर्मसभा को भी संबोधित किया। इस मौके पर ग्रामीणों ने पलक पावडे बिछा कर साध्वी का स्वागत किया।

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