गौरव वल्लभ बोले- अब अपमान नहीं सहन करेगा ब्राह्मण : विप्र महाकुंभ में उठी जनसंख्या के अनुपात में राजनीतिक प्रतिनिधित्व की मांग

डूंगरपुर,कन्हैयालाल मेनारिया । विप्र फाउंडेशन के सप्तम संभागीय विप्र महाकुंभ में रविवार को डूंगरपुर के सागवाड़ा में ब्राह्मणों ने हुंकार भरी कि अब ब्राह्मणों का अपमान अब सहन नहीं होगा। संख्या बल के अनुपात में लोकसभा और विधानसभा में टिकट, राजनीतिक रूप से आरक्षित क्षेत्र में वंचित समाज को बोर्ड-निगम में प्राथमिकता से मनोनयन और विधान परिषद के गठन का मुद्दा भी उठा। इस दौरान प्रदेश के शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने ईडब्ल्यूएस आरक्षण 14 प्रतिशत करने की पुरजोर वकालत की। विप्र महाकुंभ में डूंगरपुर, बांसवाड़ा, उदयपुर, चित्तौड़गढ़, राजसमंद जिलों समेत मेनार, वाना, रुण्डेड़ा, खेरोदा, खरसान, बाठरड़ा खुर्द, भींडर, बांसड़ा, वल्लभनगर, विजयपुरा, मेनपुरिया, अगोरिया से बड़ी संख्या में लोग जुटे। महाकुंभ की खास बात यह रही कि जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय, सांसद कनक मल कटारा, शिक्षा मंत्री बीड़ी कल्ला समेत सर्व समाज के कई नेताओं ने भी मंच को सांझा किया।

महाकुंभ में मुखर होकर बोले गौरव वल्लभ

विप्र महाकुंभ में कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता गौरव वल्लभ मुखर होकर बोले और पार्टी लाइन से हटकर कई मुद्दे रखे। गौरव वल्लभ ने कहा कि उच्च सेवाओ में विप्र बच्चे टॉप लिस्ट में आए, आज ऐसे प्रस्ताव की आवश्यकता है। उन्होंने ब्राह्मणों को लोकसभा और विधानसभा में प्रतिनिधित्व भी अनुपात के अनुसार देने की बात की और पुरजोर शब्दों में कहा कि अब ब्राह्मणों का अपमान नहीं सहेंगे। गौरव वल्लभ ने कहा कि ब्राह्मण समाज हमेशा से ही सर्व मंगल की कामना करता है, लेकिन आज ब्राह्मण दूसरों को आगे करने में खुद पिछड़ता जा रहा है, इसलिए सभी को एक होकर समाज का उत्थान करना होगा। गौरव वल्लभ ने आरएसएस के सरसंघचालक का नाम लिए बिना कहा कि जो लोग ब्राह्मणों पर समाज को जातियों में बांटने का आरोप लगा रहे हैं, वो लोग कान खोलकर सुन लें। ब्राह्मण हमेशा ही दूसरी जाति का सम्मान करता है और जातियों को जोड़ने का काम करता है। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी में भी ब्राह्मणों के खिलाफ लिखे अपमानित शब्दों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ब्राह्मण हमेशा शांत रहता है, लेकिन अगर कोई अब ब्राह्मण का अपमान करेगा तो उसे सहन नहीं किया जाएगा।

कल्ला ने विप्र बैंक स्थापना पर दिया जोर

शिक्षा मंत्री बीडी कल्ला ने कहा कि ब्राह्मण हमेशा सर्वे भवन्तु सुखिनः की कामना करता है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज को एकजुट होकर अपनी आवाज उठानी होगी। इसके लिए सरकार को जनसंख्या के अनुपात में आरक्षण की व्यवस्था करनी होगी। कल्ला ने विप्र को सामाजिक प्रतीक बताया और ब्राह्मण समाज के युवाओं को आईएएस और आईपीएस बनाने के लिए अच्छी शिक्षा देने के साथ ही कोचिंग देने की बात कही। उन्होंने केंद्र के सामने 14 प्रतिशत EWS आरक्षण की मांग उठाई और कहा कि विप्र बैंक स्थापना भी होनी चाहिए ताकि हमारे बच्चों को रोजगार मिल सके।

विप्र कल्याण बोर्ड के लिए मांगा 100 करोड़ का बजट

शिक्षा मंत्री के भाषण के दौरान हरियाणा से आए कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष जितेंद्र भारद्वाज ने बीच में हस्तक्षेप किया और राजस्थान में गठित विप्र कल्याण बोर्ड को 100 करोड़ की राशि राज्य सरकार से दिलवाने की मांग रखी। इस पर कल्ला ने आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री के समक्ष इस मुद्दे को रख बजट दिलवाने का प्रयास करेंगे।

बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने मोबाइल से किया संबोधित

नव नियुक्त भाजपा प्रदेशाध्यक्ष सीपी जोशी ने भी महाकुंभ को ऑनलाइन संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने विप्र फाउंडेशन की प्रशंसा करते हुए कहा कि समाज के साथ राष्ट्र निर्माण में हम सब लगे। उन्होंने महाकुंभ में नहीं पहुंचने पर क्षमा याचना करते हुए कहा कि मुझे वागड़ की धरती से विशेष लगाव है। उन्होंने महाकुंभ में विप्र समाज की उपस्थिति पर भी खुशी व्यक्त की।

ओझा ने की 50 जिलों में ई-लाइब्रेरी की घोषणा

विप्र फाउंडेशन के संस्थापक सुशील ओझा ने कहा कि आज हम किसी के हक को छीनने नहीं, बल्कि हमें मिले अधिकारों के आधार पर भावी पीढ़ी की खुशहाली पर विचार-मंथन के लिए यहां जुटे हैं। अपने बच्चों के भविष्य की चिंता करना कोई बेमानी नहीं हैं। इस विचार मंथन में सर्व समाज के प्रमुख जनों को भी हमने न्योता दिया है, जिससे हमारा समरसता, सर्वोदय का एजेंडा मजबूती से क्रियान्वयन की ओर अग्रसर रहे। कुछ अराजक तत्व गलत प्रचार कर आपसी भाईचारे को चोट पहुंचाने पर तुले हुए हैं। उसे हम सबको मिलकर रोकना होगा। ओझा ने घोषणा की कि विप्र फाउंडेशन इस साल के अंत तक सभी जिलों में ई-लाइब्रेरी की स्थापना करेगा। उन्होंने ई-लाइब्रेरी और छात्रावास के लिए जमीन की मांग की। उनकी इस मांग का असर यह हुआ कि बांसवाड़ा, सागवाड़ा के सभापतियों ने हाथों-हाथ मंच से जमीन देने की घोषणा कर

राजनीतिक नियुक्तियां गैर आदिवासी समाज के छोड़ दें

डूंगरपुर से कांग्रेस के निवर्तमान जिलाध्यक्ष दिनेश खोड़निया ने कहा कि टीएसपी एरिया में सभी राजनीतिक पद रिजर्व है। सरपंच, प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद सभी पदों पर हमारे आदिवासी भाई बने, यही कामना हमारे सभी की है, लेकिन आदिवासी नेताओं से भी हमारी एक गुहार है कि सरकार की ओर से जो राजनीतिक नियुक्तियां होती हैं, वे सभी पद गैर आदिवासी ब्राह्मण, जैन, पाटीदार समेत अन्य समाज के लिए छोड़ दें। इससे आदिवासी समाज के साथ ही सर्व समाज का विकास होगा।

सागवाड़ा को जिला बनाने की मांग उठी

महाकुंभ की खास बात यह रही कि जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत मालवीय, सांसद कनक मल कटारा आदि कई सर्व समाज के नेताओं ने भी मंच को सांझा किया। कटारा ने सागवाड़ा को जिला बनाने की मांग उठाई। उन्होंने बांसवाड़ा को रेल लाइन से जोड़ने की भी मांग की, जबकि जल संसाधन मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीय ने वागड़ की धरती का स्वर्ग बताया तथा कहा कि हम सब मिलकर आगे बढ़ेंगे।

इन नेताओं ने भी किया संबोधित

विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम गुरुजी ने अपने संबोधन में संस्कारोदय पर बल दिया। विप्र फाउंडेशन के राष्ट्रीय संरक्षक एवं मावली विधायक धर्मनारायण जोशी सहित अनेक वक्ताओं ने भी महाकुंभ को संबोधित किया। कई संत-महात्मा आशीर्वाद देने पहुंचे, जिनमें रामस्वरूप दास जी महाराज, रघुवरदास जी प्रमुख रूप से उपस्थित थे। महाकुंभ में पधारे प्रमुख राजनेताओं में गढ़ी विधायक कैलाश मीणा, आसपुर से विधायक गोपी लाल मीणा, पूर्व मंत्री भवानी जोशी, पूर्व विधायक रमेश पंड्या, बांसवाड़ा नगर परिषद के सभापति जिनेन्द्र त्रिवेदी, कांग्रेस नेता दिनेश खोड़निया, उदयपुर भाजपा के जिलाध्यक्ष रविन्द्र श्रीमाली, सागवाड़ा नगर पालिका अध्यक्ष नरेंद्र खोड़निया, डूंगरपुर जिला प्रमुख खुड़िया आहारी, केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री के ओएसडी शैलेश शर्मा, गलियाकोट प्रधान सहित अनेक गणमान्य जन मंचासीन थे।

11 जिलों का महाकुंभ

सप्तम विप्र महाकुंभ के संयोजक भूपेंद्र पंड्या ने महाकुंभ को सागवाड़ा में आयोजित करने की मंशा पर प्रकाश डाला। 11 जिलों को मिलाकर बनाए गए विप्र फाउंडेशन जोन 1 ए के प्रदेशाध्यक्ष के.के. शर्मा ने अतिथियों तथा उपस्थितजन का महाकुंभ में पधारने के लिए अभिनंदन किया।

देशभर से पहुंचे प्रतिनिधि

विप्र महाकुंभ से पूर्व विप्र फाउंडेशन राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक हुई जिसमें शामिल प्रतिनिधियों ने महाकुंभ में भी शिरकत की इनमे संरक्षक राधेश्याम रंगा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एस एन श्रीमाली, राधेश्याम सिखवाल, राष्ट्रीय महामंत्री सीए सुनील शर्मा, राष्ट्रीय महामंत्री भगवान व्यास, राष्ट्रीय सचिव परमेश्वर शर्मा, राष्ट्रीय मंत्री विष्णु पारीक, राष्ट्रीय सचिव प्रमोद पालीवाल, पंकज जोशी, महाराष्ट्र के अध्यक्ष सीए रामावतार शर्मा, जयपुर जोन प्रदेशाध्यक्ष राजेश कर्नल, भरतपुर जोन के अध्यक्ष वेद प्रकाश उपाध्याय, उद्योगपति तथा झील हॉस्पिटल के संचालक दिनबंधु भट्ट, भूपेंद्र भट्ट , गुजरात विप्र फाउंडेशन के महामंत्री मीठालाल जोशी, विप्र युवा के प्रदेशाध्यक्ष नरेंद्र पालीवाल, विक्की के के. के.शर्मा आदि मौजूद थे।

महाकुंभ में उमड़ा जन सैलाब

विप्र महाकुंभ में सागवाड़ा जैसी छोटी जगह पर ऐसा जन सैलाब उमड़ा कि आयोजकों की तैयारी भी कम पड़ गई। लोग बसों, कारों, टेंपो के अलावा दुपहिया वाहनों के काफिले और जुलूस के रूप में महाकुंभ में पहुंचे। जनता जनार्दन के आने का सिलसिला सुबह से प्रारंभ हो गया था जो महाकुंभ प्रारंभ होने के बाद भी देर तक चलता रहा। गलियाकोट रोड पर स्थित गायत्री शक्तिपीठ के पास कॉलेज ग्राउंड में हुए इस आयोजन के कारण आस पास का इलाका वाहनों की रेलम पेल से जाम हो गया। सागवाड़ा कस्बे में भी महाकुंभ में आने वाले वाहनों के कारण पूरा शहर थम सा गया।

मातृ शक्ति भी पहुंची बड़ी तादाद में

विप्र महाकुंभ में पुरुषों के साथ मातृ शक्ति की भी अच्छी खासी उपस्थिति थी। महिलाएं गांव गांव से मंगल गीत गाते हुए आईं।

आभार

सागवाड़ा जिलाध्यक्ष प्रकाश व्यास, बांसवाड़ा जिलाध्यक्ष योगेश जोशी, डूंगरपुर जिलाध्यक्ष नारायण ने सभी कार्यकर्ताओं, सहयोगियों का आभार जताया।

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