अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस,उदयपुर जनजाति अंचल में बालिकाओं ने रैली के माध्यम से दिया बाल विवाह रोकने का संदेश
बाल विवाह करवाना या किसी प्रकार से सहयोगी बनना भी क़ानूनी अपराध- डॉ. पण्ड्या
16 को अभियान के समापन के साथ हर गाँव में निकले बाल विवाह रोकने हेतु मशाल रैली- डॉ. पण्ड्या
सराडा,नितेश पटेल । बाल विवाह करवाना या किसी प्रकार से बाल विवाह करने में सहयोगी बनना जैसे खाना,बेंड,पंडित,फ़ोटोग्राफ़ी आदि भी बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 अंतर्गत क़ानूनी अपराध है।बाल विवाह होने पर सम्बंधित बच्चे का जीवन तो नष्ट होता ही है साथ ही आने वाली पीढ़ी भी प्रभावित होती है।हमें बाल विवाह न करना है न ही करवाना है, अपने आस-पास एसा कही होने पर तुरंत इसकी सूचना सम्बंधित पुलिस थाने या चाइल्ड हेल्प लाइन पर दे। उक्त विचार राजस्थान बाल आयोग, राजस्थान सरकार के पूर्व सदस्य एवं बाल अधिकार विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र पण्ड्या ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के उपलक्ष्य में गायत्री सेवा संस्थान, उदयपुर द्वारा जनजाति अंचल लसाडिया पंचायत समिति के अरवानिया ग्राम में आयोजित बालिका सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में सम्बोधित करते हुए व्यक्त किए।
डॉ. पण्ड्या ने अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस का महत्व बताते हुए राजस्थान सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जन कल्याणक़ारी योजनाओं से ग्रामीण समुदाय को अवगत करवाया।
कार्यक्रम में अतिथि के रूप में दिल्ली से पहली बार लसाडिया पंचायत में आए बचपन बचाओ आंदोलन, नई दिल्ली के निदेशक मनीष शर्मा का बालिकाओं ने भव्य स्वागत किया। शर्मा ने बाल अधिकारो की जानकारी देते हुए बाल विवाह एवं बाल श्रम की हानियो से सभी को अवगत करवाया। साथ ही सभी जनप्रतिंधियो,ग्रामीण समुदाय एवं बच्चों को बाल विवाह न करवाने का संकल्प दिलवाया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता स्थानीय जनप्रतिनिधि गौतम लाल मीणा ने करते हुए गाँव में बालश्रम हेतु पलायन करने वाले बच्चों की समस्या पर प्रकाश डालते हुए नोबल शांति पुरस्कार से सम्मानित कैलाश सत्यार्थी की बाल विवाह मुक्त भारत अभियान की सराहना करते हुए बाल विवाह में किसी भी प्रकार का सहयोग नहीं करने का प्रण लिया।
ग्राम के स्तानीय शिक्षक सुरेंद्र मेघवाल ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि यदि शत प्रतिशत बच्चे शिक्षा से जुड़ेंगे तो बाल विवाह की समस्या से जड़ से खत्म हो सकती है।कार्यक्रम की शुरुआत जागरूकता रेली से की गई जिसमे बालिकाएं बाल विवाह मुक्त भारत का संदेश देते हुए कार्यक्रम स्थल तक गई एवं स्वागत गीत के साथ कार्यक्रम की शुरुआत की गई इसी दौरान स्तानीय कार्यकर्ता नानराम ने बाल विवाह के दुष्परिणामों को स्तानीय भाषा के गीत द्वारा बताये।
गायत्री सेवा संस्थान के प्रतिनिधि
नितिन पालिवाल ने जानकारी देते हुए बताया की प्रारम्भ हुए अभियान का 16 को समापन के अवसर अधिक से अधिक गाँवो में बाल विवाह रोकने हेतु मशाल रैली निकाली जाएगी।
कार्यक्रम में धन्यवाद ब्लॉक प्रमुख आशा चौहान ने दिया एवं हिम्मत सिंह, लोगरमल,बसंती मीणा,सांवरलाल भी उपस्थित थे।
