क्षेत्र के मेनार, रुण्डेड़ा में गवरी नृत्य की हो रही है धूम, मेनार में कल मंगलवार को होगा वलावल
सोमवार को होगा रात्रि जागरण, गोरज्या माता प्रतिमा के लिए हुआ पूजन अर्चन
बाँसड़ा 18 सित. :- क्षेत्र के मेनार, रुण्डेड़ा सहित ईंटाली में अभी गवरी मंचन की धूम देखने को मिल रही है, सवा माह तक चलने वाले गवरी नृत्य को देखने वालों की भीड़ लगी रहती है। ईंटाली में अलग-अलग चौराहे पर रोजाना गवरी कलाकारों द्वारा गवरी मंचन से लोगो का मनोरंजन किया जा रहा है, शनिवार को ईंटाली से फतहनगर मुख्य मार्ग के समीप मंदिर परिसर में गवरी मंचन हुआ। मेनार में शनिवार को भलावत परिवार की ओर से भेरुनाथजी मंदिर परिसर में गवरी नृत्य का मंचन कराया गया, जहाँ अंत में शेर की भूमिका वाला नाट्य दिल को दहला देने वाला था, शेर के पात्र वाले व्यक्ति द्वारा अपना करतब दिखाया तब वहां मौजूद कही देवालयों के सेवको मे उनके देवता की शक्ति प्रवेश हुई और उन्हें भाव होने लग गए। वही रविवार को मुख्य बाजार ओंकारेश्वर चौक प्रांगण में गवरी नृत्य का आयोजन हुआ। जिसमें खेतूड़ी, कालू कीर, हटिया, कान्हा-गुजरी वरजू कंजरी, राजा रानी, मीणा बंजारा, ढाणी जी, चौथ माताजी आदि खेलों के माध्यम से जनता में ज्ञानवर्धक संदेश भी पहुंचा रहे हैं जिसमें बाल विवाह जैसी कुप्रथा एवं स्वच्छता जैसे संदेश देकर जनता को सजग कर रहे हैं। इस दौरान गवरी देखने वालों की भीड़ जमा थी। अब मेनार में मंगलवार को गवरी कलाकारों द्वारा ब्रह्म सागर में गवरी वलावल कर दिया जाएगा, इससे पूर्व सोमवार शाम कुम्हार के यहाँ गोरज्या माता की प्रतिमा बनाई जाएगी और रात्रि जागरण होगा तथा दो दिन तक दिनरात गवरी नृत्य का मेनार में ही मंचन होगा। पुष्कर कानावत ने बताया कि इधर, बरोडिया के गवरी कलाकारों द्वारा गवरी वलावल हेतु मेनार के शंकरलाल प्रजापत के यहां गोरज्या माता की प्रतिमा बनवाई और रविवार को विधिवत पूजन कर गोरज्या माता को मेनार से बरोडिया लेकर पहुँचे। जहाँ आज सोमवार को वलावल होगा।
इनपुट : कन्हैयालाल मेनारिया
