झालावाड़ में सांसद राजकुमार रोत के बयान पर हंगामा,पथराव : पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज किया, रोत बोले- हंगामे के पीछे भाजपा
झालावाड़ में भारत आदिवासी पार्टी (BAP) के सांसद राजकुमार रोत के आरक्षण पर दिए पूर्व के बयान पर लोगों ने हंगामा कर दिया। भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। हालात को काबू में करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। सांसद ने कहा- हंगामे के पीछे भाजपा का हाथ है।
दरअसल, झालावाड़ के खंडिया इलाके में विश्व आदिवासी दिवस पर रैली थी। रैली में सांसद राजकुमार रोत भी पहुंचे थे। सांसद ने आरक्षण के वर्गीकरण का विरोध किया था। जिसको लेकर कुछ लोग विरोध जताने पहुंचे थे।

हंगामे को देखकर गुट का नेतृत्व कर रहे अरविंद भील को पुलिस अपने साथ ले जा रही थी। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस पर पथराव कर दिया। पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया।
सांसद राजकुमार रोत ने विरोध करने के मामले में बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा- इस हंगामे के पीछे भाजपा संगठन से जुड़े लोग शामिल हैं। जो लोग मेरा विरोध कर रहे हैं।

उन्हें बता दूं कि मुझे झालावाड़ से चुनाव नहीं लड़ना। जो लोग मुझसे लड़ने आए। वह समाज के मानसिक विकलांग है। जो लड़ाई करने आए थे, उन पर बड़े राजनीतिक घरों के लोगों का श्रेय था।
सांसद राजकुमार रोत ने कहा कि मैं अपने दावे के साथ कहता हूं। आज जो भी आए थे, कुछ तो नासमझ थे। उनको दुनियादारी से कोई मतलब नहीं। उनको उकसाया गया। वो भी एक दिन साथ खड़े होंगे। जो हमसे 8 साल पहले लड़ाई करने आए थे। वो भाई आज हमारे साथ खड़े हैं। उनके आज समझ आया, हमें खुशी है।

जब 2016 में हम पर हमला हुआ था। हमारे साथी आज आसपुर से विधायक हैं। उनका हाथ फ्रैक्चर हुआ था। हमारे ही कुछ भाई जो मानसिक रूप से दिव्यांग थे, उन्होंने किसी के कहने पर हमला कर दिया था। हालांकि खुशी इस बात की है कि आज वहीं भाई हमारे साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग हमें बांट रहे हैं, लेकिन हमें तो अपने लिए लड़ना पड़ेगा और लड़ेंगे।
सांसद रोत ने झालावाड़ स्कूल हादसे पर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार की 10-10 लाख रुपए मुआवजे की घोषणा केवल औपचारिकता है।
इस घटना के बाद प्रशासन ने अंतिम संस्कार में मां-बाप को भी शामिल नहीं करने दिया, जबकि प्लेन हादसे में 1 करोड़ का मुआवजा दिया। समाज के बच्चों को 10 लाख अभी नहीं दिए। यह सहायता तो सरकार की योजना है। सरकार ने अलग से कुछ नहीं दिया। केवल ड्रामा कर रहे हैं।
