डूंगरपुर में REET परीक्षा में परीक्षार्थी की जनेऊ उतरवाने के मामले में एक्शन,महिला टीचर सस्पेंड, हेड कॉन्स्टेबल लाइन हाजिर
डूंगरपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । REET के दौरान परीक्षार्थियों से जनेऊ उतरवाने के मामले में प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। जांच के बाद सुंदरपुर परीक्षा केंद्र की महिला सुपरवाइजर (टीचर) को सस्पेंड और पुनाली सेंटर के हेड कॉन्स्टेबल को लाइन हाजिर कर दिया है। विप्र फाउंडेशन सहित कई संगठनों ने कलेक्टर अंकित कुमार सिंह को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। जांच में पाया गया कि माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशों में जनेऊ को आपत्तिजनक नहीं माना गया है। इसके बाद दोनों कर्मचारियों पर कार्रवाई की गई। विप्र फाउंडेशन ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की है। संगठन का कहना है कि जनेऊ एक धार्मिक संस्कार है और इसे उतरवाने के लिए कोई सरकारी आदेश भी नहीं है।
घटना पर कैंडिडेट्स ने क्या कहा?
मयंक पुरोहित: मैं शुक्रवार को परीक्षा देने आया था। पुलिस ने जनेऊ उतारने को कहा। मैंने कहा कि यह ब्राह्मण होने की निशानी है, नहीं उतार सकता। मजबूरन पेड़ के नीचे रखनी पड़ी, बाद में वह मिली भी नहीं।
पिंकल उपाध्याय: चेकिंग के दौरान मैडम ने जबरदस्ती जनेऊ उतरवाई। मना करने पर कहा कि भगवान देने थोड़े आएंगे। मुझे टॉर्चर किया गया।
पूरा मामला
28 फरवरी को REET के दूसरे दिन परीक्षार्थियों की कड़ी जांच के दौरान पुनाली के स्वामी विवेकानंद कॉलेज में हेमेंद्र कुमार जोशी और मयंक पुरोहित की जनेऊ उतरवाई गई थी। इसी तरह सुंदरपुर सेंटर पर पिंकल उपाध्याय की जनेऊ उतरवाने का मामला सामने आया।
विप्र फाउंडेशन सहित कई संगठनों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की थी। जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने जांच के बाद सुंदरपुर केंद्र की सुपरवाइजर सुनीता कुमारी को सस्पेंड और पुनाली केंद्र के हेड कॉन्स्टेबल शिवलाल को लाइन हाजिर कर दिया।
मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी नवीन प्रकाश जैन ने बताया- माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के दिशा-निर्देशों में जनेऊ को आपत्तिजनक नहीं माना गया है। विप्र फाउंडेशन के प्रदेश उपाध्यक्ष नारायण पंड्या ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सख्त कार्रवाई जरूरी है।
विप्र फाउंडेशन के जिलाध्यक्ष ललित उपाध्याय और महामंत्री प्रशांत चौबीसा ने कहा कि जनेऊ एक संस्कार है, इसका नकल से कोई संबंध नहीं। सरकार ने भी जनेऊ उतरवाने के कोई आदेश नहीं दिए हैं। इसके बावजूद परीक्षार्थियों की जनेऊ उतरवाई गई, जो पूरी तरह गलत है।
