बेणेश्वर धाम में हिंदू-आदिवासी मुद्दे पर भिड़े भाजपा और BAP नेता : विधायक ने सांसद को बीच भाषण में रोका;बोले-माहौल बिगाड़ने की कोशिश
डूंगरपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । जिले के बेणेश्वर धाम में हिंदू-आदिवासी मुद्दे पर विवाद हो गया। उदयपुर सांसद मन्नालाल रावत ने जब बीएपी सांसद राजकुमार रोत के हिंदुओं को लेकर दिए बयान पर कहा कि “हम आदिवासी हिंदू नहीं हैं” का आरोप गलत है, तभी आसपुर विधायक उमेश डामोर ने उन्हें बीच में टोक दिया।
इस पर बीएपी कार्यकर्ताओं ने भी टिप्पणियां शुरू कर दीं। मामला तब और बिगड़ गया जब पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने बीएपी कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई।
विधायक डामोर और पूर्व विधायक मीणा एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि मंच पर मौजूद अन्य नेताओं को बीच-बचाव करना पड़ा।
उदयपुर सांसद मन्नाराल रावत ने बीएपी सांसद राजकुमार रोत के हिंदुओं को लेकर दिए बयान पर पलटवार किया। सांसद बोले-
“कहा गया हम आदिवासी हिंदू नहीं है। जब हम त्रिवेणी पर खड़े हैं। हिंदू आस्था के अनुसार अस्थि विसर्जन करते हैं। महादेव यहां है, हमारे अपने पूर्वज वाल्मीकि ऋषि यहां हैं। हम हिंदू हैं, इसलिए यहां हैं। हमें बात वाल्मीकि ऋषि की करनी चाहिए। जो कहते हैं कि धरती हमारी माता है।”
मन्नालाल रावत ने कहा- मैं यहां उन लोगों के बारे में बात करना चाहता हूं, जिन्होंने आदिवासी समाज के लिए कुछ किया। इनमें नाम आता है पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का। उन्होंने सबसे पहले भारत सरकार में मंत्रालय खोला। उस मंत्रालय का नाम था जनजाति कार्य मंत्रालय। ये बात है 1999 की। ये पूछना चाहिए कि उससे पहले इस देश में कौन राज करते थे। जिन्हें ये याद नहीं आया कि आदिवासी कोई है और वह गरीबी में है, अभाव में है।
जब सांसद बोल रहे थे तो आसपुर विधायक उमेश डामोर उन्हें बीच-बीच में टोक रहे थे। इसके साथ ही कुछ बीएपी कार्यकर्ता दूर से टीका टिप्पणी करने लगे। इस पर आसपुर के पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा नाराज हो गए और बीएपी कार्यकर्ताओं को फटकार लगाई। सांसद ने भी बाहर से आए लोगों पर क्षेत्र का माहौल खराब करने का आरोप लगा दिया। इस पर स्टेज पर बैठे आसपुर विधायक खड़े हो गए और पूर्व विधायक से उलझ गए। मामला इतना बिगड़ा कि दोनों नेता एक-दूसरे की ओर बढ़ने लगे।
विवाद के बाद आसपुर विधायक उमेश डामोर ने कहा
यहां भड़काने का काम किया गया, जिसका हमने विरोध किया। मन्नालाल जी बोल रहे हैं कि झारखंड से लोग आए हैं, छत्तीसगढ़ से लोग आए हैं। तो क्या ये भारत का हिस्सा नहीं है क्या?
पूर्व विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा- बेणेश्वर मेला था। इसमें सभी को प्रशासनिक स्तर पर आमंत्रित किया गया। मेले में सांसद मन्नालाल रावत बोल रहे थे। जहां वे हमारे धर्म और आस्था को लेकर बोल रहे थे।
इस दौरान इनके वाला जो अंदर बैठा हुआ था वह बढ़ बढ़ कर रहा था। मैं वहां था मैं ऐसा सहन नहीं कर सकता। इसको लेकर नोंक झोंक हुई। जब धार्मिक मेले का आयोजन हो रहा है तो धर्म की बात तो की जाएगी।
पूर्व विधायक ने कहा- मेरी प्रशासन से गुजारिश है। इस तरह कार्यक्रम का आयोजन हो तो हमको बुलाएं तो हमारे साथ भले ही कांग्रेस को बुला लें, ये चलेगा। लेकिन इनका और हमारा मंच कभी एक नहीं होना चाहिए। नहीं तो ये विवाद होता रहेगा।
