रिटायर्ड पोस्ट मास्टर के आलीशान घर में सीबीआई का सर्च,14 घंटे तलाशी ली;पाली के डाकघर में लोगों के खाते से गायब हो गया था पैसा, लाखों रुपए का गबन

पाली,डीपी न्यूज नेटवर्क । पाली के डाकघरों से गरीबों के लाखों रुपए के घोटाले मामले में केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) ने शिकंजा कसा है। CBI टीम ने पाली में सुबह 7 बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया, जो रात 9 बजे तक चला। डाकघर के रिटायर्ड उप डाकपाल (सब पोस्ट मास्टर) भगवती प्रसाद के बंगले पर बाकायदा एक ज्वेलर को भी बुलाया गया था, ताकि ज्वेलरी मिलने पर उसका वजन किया जा सके।

टीम ने रिटायर्ड सब पोस्ट मास्टर के आलीशान दो मंजिला मकान पर 14 घंटे सर्च किया। इस दौरान घर के बाहर पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। न ही अंदर से किसी को बाहर और बाहर से किसी को अंदर जाने की इजाजत नहीं थी। टीम के सदस्यों ने जांच से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी नहीं दी।

दरअसल, डाकघरों में अपनी बचत के रुपए जमा करवाने वाले कई गरीब ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी हुई है। उनके खातों से लाखों रुपए गबन किए गए हैं। डाकघरों से उनके रिकॉर्ड तक गायब कर दिए गए हैं। अवधि पूरी होने के बाद ये गरीब जब डाकघर पहुंचे तो हक्के-बक्के रह गए थे। रकम तो दूर उनके अकाउंट की डिटेल तक नहीं मिली। इस पर जोधपुर सीबीआई में 5 फरवरी को शिकायत दर्ज करवाई गई थी।

मामले की जांच के लिए शनिवार को दो कारों में सीबीआई के पांच से ज्यादा अधिकारी पाली पहुंचे। भगवती प्रसाद (रिटायर्ड सब पोस्ट मास्टर) के पाली स्थित ट्रांसपोर्टनगर इलाके के नया गांव रोड पर सूर्या कॉलोनी स्थित घर पहुंचे।

टीम ने रिटायर्ड कर्मचारी के पूरे मकान में सर्च किया। साथ ही वाहनों और संपत्ति की जानकारी भी जुटाई गई। इसके साथ ही मकान की छत पर भी टीम पहुंची। करीब 14 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद रात करीब 9 बजे टीम रवाना हो गई। इस दौरान टीम के सदस्यों ने जांच से जुड़ी कोई भी जानकारी देने से इनकार कर दिया।

डाकघर अधीक्षक आरसी मीणा ने बताया- पाली के उप डाकघर में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (एनएससी) योजना में में घोटाला हुआ है। पाली के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र स्थित उप डाकघर में 13 लोगों ने इसको लेकर लिखित में 60 लाख की धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई थी।

उन्होंने बताया था कि डाकघर में नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) योजना में रुपए जमा करवाए थे। अवधि पूरी होने के बाद भी उन्हें रुपए ब्याज सहित नहीं मिले। ज्यादातर के अकाउंट डाकघर में रिकॉर्ड में नहीं हैं। ऐसे में डाकघर अधीक्षक ने विभागीय जांच के बाद सीबीआई में रिपोर्ट दी ताकि मामले की जांच हो सके। पीड़ितों ने जिला कलेक्टर लक्ष्मीनारायण से भी मुलाकात कर पीड़ा बताई थी।

मामले की आरंभिक जांच में रिटायर्ड सब पोस्ट मास्टर ( भगवती प्रसाद) की तरफ शक की सुई गई, जिसकी मुहर और हस्ताक्षर पासबुक में थे। जांच अधिकारियों ने उन्हें (भगवती प्रसाद) बुलाकर पूछताछ भी की थी।

पीड़ितों ने आरोप लगाया था कि औद्योगिक थाना इलाके के उप डाकघर में पैसे उप डाकपाल भगवतीलाल को जमा करवाए थे। इस पर डाकघर अधीक्षक रमेशचंद्र मीणा ने जांच का आश्वासन दिया था। 2019 में ग्राहकों ने 5 साल के लिए अपना पैसा जमा कराया था।

2024 के आखिर में घोटाला तब सामने आया जब ग्राहकों को बताया गया कि उनका डाकघर में कोई अकाउंट ही नहीं है। ऐसे में सवाल उठने लाजिमी थे। कई बार ऑडिट भी हुआ होगा। आखिर उसमें यह मामला पकड़ में क्यों नहीं आया।

पाली डाक विभाग पोस्ट ऑफिस में फिक्स डिपॉजिट रिसिप्ट (एफडीआर) सहित विभिन्न योजनों में गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। निष्पक्ष जांच करवाने को लेकर अखिल भारतीय ग्राहक पंचायत के निमित लश्करी ने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखा और ई-मेल किया था।

निमित लश्करी ने पत्र लिखा था- डाकघर पर लोग विश्वास करते हैं और उसकी विभिन्न योजनाओं में करोड़ों रुपए का निवेश कर रखा है। हाल ही में कुछ लोगों ने अपने साथ धोखाधड़ी होने का आरोप लगाते हुए पाली के मुख्य डाकघर में लिखित में शिकायत देकर राहत देने की मांग की थी। ज्यादातर मामले पाली के औद्योगिक नगर थाना क्षेत्र स्थित उप डाकघर के हैं। निवेशकों ने जो आरोप लगाए हैं उन सबकी जांच होनी चाहिए।

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