पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का निधन, दिल्ली के एम्स में ली आखरी सांसे
डीपी न्यूज नेटवर्क । भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का 92 साल की उम्र में गुरुवार रात निधन हो गया। उन्हें तबीयत बिगड़ने के बाद शाम 8:06 बजे दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया था। रात 9:51 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। मनमोहन सिंह 2 बार देश के प्रधानमंत्री रहे। वे लंबे समय से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना कर रहे थे। इससे पहले भी उन्हें कई बार स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका था।
AIIMS के बाहर सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। प्रियंका गांधी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा भी AIIMS पहुंचे। उधर, पीएम मोदी ने सिंह के परिवार से बात की।
इस बीच, कर्नाटक के बेलगावी में चल रही कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) मीटिंग रद्द कर दी गई है। राहुल गांधी और पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बेलगावी से दिल्ली रवाना हो गए हैं। वे देर रात दिल्ली पहुंचेंगे।
AIIMS ने निधन पर बुलेटिन जारी किया

मनमोहन सिंह का अकादमिक और राजनीतिक सफर
- 1957 से 1965- चंडीगढ़ के पंजाब विश्वविद्यालय में अध्यापक बने।
- 1969 से 1971- दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में अन्तरराष्ट्रीय व्यापार के प्रोफेसर रहे।
- 1976- दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय में मानद प्रोफेसर बने।
- 1982 से 1985- भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर रहे।
- 1985 से 1987- योजना आयोग के उपाध्यक्ष रहे।
- 1990 से 1991- प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार रहे।
- 1991- नरसिंहराव सरकार में वित्त मंत्री बने।
- 1991- पहली बार असम से राज्यसभा के सदस्य बने।
- 1996- दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स में मानद प्रोफेसर बने।
- 1999- दक्षिण दिल्ली से लोकसभा का चुनाव लड़ा लेकिन हार गए।
- 2001- तीसरी बार राज्यसभा सदस्य बने और सदन में कांग्रेस की ओर से विपक्ष के नेता बने।
- 2004 से 2014- भारत के प्रधानमंत्री रहे।
- 2019-2024 छठी बार राज्यसभा के सदस्य रहे।
पीएम मोदी ने कहा- उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयास किए
पीएम मोदी ने X पर लिखा- भारत अपने सबसे प्रतिष्ठित नेताओं में से एक डॉ. मनमोहन सिंह जी के निधन पर शोक मना रहा है। साधारण पृष्ठभूमि से उठकर वे एक प्रतिष्ठित अर्थशास्त्री बने। उन्होंने वित्त मंत्री समेत पदों पर काम किया। सालों तक हमारी आर्थिक नीति पर अपनी गहरी छाप छोड़ी। संसद के अंदर उनका योगदान बहुत ही महत्वपूर्ण है। हमारे प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने लोगों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए व्यापक प्रयास किए।
एक और पोस्ट में लिखा है- जब डॉ. मनमोहन सिंह जी प्रधानमंत्री थे और मैं गुजरात का मुख्यमंत्री था, तब हम रोजाना बातचीत करते थे। हम शासन से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर गहन चर्चा करते थे। उनकी बुद्धिमत्ता और विनम्रता हमेशा देखने को मिलती थी।इस दुख की घड़ी में मेरी संवेदनाएं डॉ मनमोहन सिंह जी के परिवार, उनके मित्रों और असंख्य प्रशंसकों के साथ हैं। ओम शांति
