केश लोचन से आत्मा की शुद्धि होती हैं : पुलक सागर 

ऋषभदेव,डीपी न्यूज नेटवर्क । श्री भट्टारक यशकीर्ति दिगंबर जैन गुरुकुल में विराजित आचार्य पुलक सागर महाराज एवम मुनि प्रणीत सागर का केश लोचन समारोह संपन्न हुआ । आचार्य ने बताया की कई वर्षो से भगवान ऋषभदेव से केश लोचन की परंपरा लगातार चली आ रही है इससे कर्मों की निर्जरा होती हैं तथा आत्मा की शुद्धि होती है, आत्मा मोक्ष मार्ग पर प्रशस्त होती है, यह तप त्याग एवम संयम का प्रतीक है। समाज के अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार जैन ने बताया की दिगंबर साधु के 28 मुलगुनो में केश लोचन आवश्यक गुण है। साधु को हर चार माह में एक बार केश लोचन आवश्यक है, इससे जीवो की हिंसा नहीं होती है, संत अपने हाथो से केशो का लोचन करते हैं। इस मौके पर पुलक मंच के अध्यक्ष राकेश वानावत ,भानु गणोदिया, गुरु भक्त हेमंत अकोत, गुरु भक्त राकेश सुंदरोत, वरिष्ठ जय प्रकाश वानावत, संदीप भाणावत, नव युवक मंडल के अध्यक्ष हितेश भंवरा, महामंत्री अंकुश भाणावत, तरुण क्रांति मंच के महामंत्री सुनील किकावत, महिला मंडल के महामंत्री मंजू भंवरा, गुरु भक्त मनीष कुशवाह, मनोज यादव , निर्मल वानावत, युवा परिषद के धनपाल दोवडिया, बाबू लाल गंगावत, यशोधर गणोडिया उपस्थित थे।

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