बहुचर्चित कन्हैयालाल हत्याकांड मामला : एक आरोपी की जमानत के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने जारी किए नोटिस

उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । उदयपुर के कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी को जमानत देने के राजस्थान हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है। कन्हैयालाल के बेटे यश तेली ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर हाईकोर्ट के जमानत देन के आदेश को चुनौती दी है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मामले में सुनवाई करने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और आरोपी मोहम्मद जावेद को नोटिस जारी किए हैं।

याचिकाकर्ता के वकील विक्रमादित्य उज्ज्वल और नमित सक्सेना ने बताया- जावेद, मुख्य आरोपी मोहम्मद रियाज अत्तारी से लगातार संपर्क में था। उसने ही कन्हैयालाल की रेकी की थी। मामले में अभी ट्रायल चल रहा है। पूरे केस में करीब 116 गवाह हैं। अभी कुछ लोगों की ही गवाही दर्ज हुई है। ऐसे में गवाहों पर दबाव बनाया जा सकता है। मामला आतंकी घटना से जुड़ा है। ऐसे में आरोपी को जमानत का लाभ नहीं दिया जाना चाहिए था।

दरअसल, करीब दो महीने पहले 5 सितंबर को हाईकोर्ट ने कन्हैयालाल हत्याकांड के आरोपी मोहम्मद जावेद को जमानत दी थी। जावेद पर आतंकी गतिविधियों में शामिल होने, आपराधिक षड्यंत्र सहित गैर कानूनी गतिविधियों में लिप्त होने के आरोप है।

हाईकोर्ट ने आरोपी को जमानत देते हुए कहा था- NIA ने केवल कॉल डिटेल के आधार पर आरोपी को गिरफ्तार किया है। NIA आरोपी की लोकेशन साबित नहीं कर पाई है। इसके अलावा आरोपी से किसी तरह की रिकवरी भी नहीं हुई है। लंबे समय से वह जेल में है। ट्रायल लंबा चलेगा, ऐसे में उसे जमानत दी जाती है।

उस समय आरोपी के वकील ने दलील देते हुए कहा था- एनआईए कह रही है कि जावेद ने इंडियाना टी-स्टॉल पर बैठकर कन्हैयालाल की हत्या की योजना बनाई थी, लेकिन टी-स्टॉल के मालिक धर्मेंद्र साहू ने जावेद के उस दिन वहां आने की बात कन्फर्म ही नहीं की।

एनआईए का यह भी कहना है कि जावेद ने कन्हैयालाल की रेकी करके रियाज को बताया था। दुकान पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से यह बात साबित होती है कि जावेद कन्हैयालाल की दुकान पर गया ही नहीं।

मोहम्मद जावेद से पहले इस मामले में एक अन्य आरोपी फरहाद मोहम्मद उर्फ बबला को एनआईए कोर्ट ने 1 सितंबर 2023 को जमानत दी थी। फरहाद के खिलाफ एनआईए ने आर्म्स एक्ट का मामला दर्ज किया था। जमानत देते समय कोर्ट ने कहा था- आरोपी पर केवल आर्म्स एक्ट का आरोप है। उसके पास से तलवार बरामद हुई है या नहीं, तलवार भोंटी थी या धारदार। इसका फैसला जमानत के स्तर पर नहीं किया जा सकता है। आरोपी जुलाई 2022 से जेल में है, ऐसे में उसे जमानत का लाभ दिया गया था।

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