मेनार में 26वा श्री अम्बामाता पशुमेला ◆ पहले दिन व्यापारी दुकानों को सजाने में रहे व्यस्त,मेनार मेले की प्रथम शुरुआत 26 साल पहले हुई; काफी करनी पड़ी मेहनत ग्राम पंचायत और समस्त ग्रामवासियों को
डीपी न्यूज नेटवर्क,बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । उपखंड क्षेत्र वल्लभनगर के मेहतागढ़ मेनार हिरोला की छापर, मेला ग्राउंड में आठ दिवसीय 26वां श्री अम्बामाता विशाल पशुमेले का उद्घाटन गुरुवार को श्री अम्बे माता व बैलो की युगल जोड़ी के साथ हुआ। पहले दिन व्यापारी अपनी दुकानों को सजाने व्यस्त रहे। ग्राम विकास अधिकारी प्रभूलाल यादव, मेला अधिकारी प्रमोद कुमार ने बताया कि मेले में 800 प्लॉटो का आवंटन हो चुका है। मेले में पानी, बिजली की व्यवस्था ग्राम पंचायत की ओर से निःशुल्क है। वार्ड पंच दयाल लुणावत ने बताया कि मेनार पशुमेला माँ अम्बे की कृपा से 8 दिनों तक कपड़ो की दीवार में चलता है, फिर भी किसी भी प्रकार की कोई घटना, दुर्घटना नहीं होती है, साथ ही इस वर्ष भी पूरा मेला सीसीटीवी कैमरो की निगरानी में रहेगा। मेले में चिकित्सा, सुरक्षा व्यवस्था, बिजली, पानी, पुलिस व्यवस्था तथा बाहर से आने वाले व्यापारियों के लिए विशेष सुविधा की गई है। मेले की ग्राम विकास अधिकारी प्रभुलाल यादव, ग्राम पंचायत मेनार सरपंच प्रमोद कुमार, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, वार्ड पंच प्रेम पांचावत, दयाशंकर लुणावत, प्रेम बाई, पारस मीणा, विक्रम सुथार, हुक्मीचंद सुथार, संजय मेघवाल, प्रतिनिधि अम्बालाल रूपावत, जीवन दावोत, नरेशगिरी गोस्वामी, राजकुमार मेनारिया सहित ग्रामीण सारी व्यवस्थाओ को देख रहे हैं।
मेले में मनोरंजन के साधन चकरी, डोलर, मौत का कुँआ, जादूगर शो, प्यारेलाल शो, सर्कस, मनिहारी आदि की दुकाने सज चुकी है। जिससे पहले दिन मेलार्थियों ने मेले का आनंद लिया, हालांकि पहले दिन मेला फीका रहा। व्यापारी अपनी अपनी दुकानें सजाने में व्यस्त रहे। इधर ग्राम पंचायत द्वारा मेले में पशुओ के लिए टीकाकरण, चिकित्सा व्यवस्था, बिजली, पानी, मोटरसाइकिल और कार पार्किंग व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस थाना खेरोदा से एसआई लक्ष्मण सिंह, जवान नितेश, कमलेश, प्रदीप व पशुपालन विभाग से पशु चिकित्सा अधिकारी मेनार सीमा कुमारी मीणा, दरोली पशु चिकित्सक डॉ. विकास मीणा, नागेंद्र सिंह 24 घंटे मय टीम तैनात हैं। वही मेले में आज शनिवार से सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होंगे।
- मेनार मेले की प्रथम शुरुआत 26 साल पहले हुई, काफी करनी पड़ी मेहनत ग्राम पंचायत और समस्त ग्रामवासियों को
- सबसे पहले पूर्व सरपंच के मन में आया मेनार मे मेला आयोजन की बात
बात आज से 26 साल पहले जब औंकारलाल भलावत सरपंच बने, तब की थी और उनके मन में मेनार को चमन करने की जिज्ञासा और जहाँ का हर नागरिक शिक्षा के प्रति जागरूक, कृषि प्रधान गाँव होने से, पशुपालन और महिलाओं की सुरक्षा की व्यवस्था करना इन सबको सोचते हुए मेनार ग्राम पंचायत के 13 वार्ड पंचों और ग्रामवासियों के साथ उन्होने चर्चा की कि मावली तहसील में तो दो जगह पशुमेला का आयोजन होता है लेकिन वल्लभनगर, लसाडिया, धरियावद तक के क्षेत्र में एक भी पशुमेला नही है। यहां के लोग कृषि भूमि पर आधारित है, पशुपालकों की संख्या क्षेत्र में ज्यादा है तो काश्तकारों के लिए फायदा होना एवं आम जनता का मनोरजंन, ग्राम पंचायत की आय, पशुपालकों को फायदा, मेले की जमीन का अतिक्रमण होने से बचाना आदि को सोचते हुए मेनार में पशुमेला शुरू किया जावे तो गांव के लोगों ने साथ दिया ओर सभी मावली में लगे मेले में पहली बार गये ओर वहां मौत का कुआ, डोलर, दुकानों आदि को मेनार में मेले के लिए न्योता दिया ओर गांव गांव में प्रचार भी किया ओर उन्होने पहली बार मेला शुरू किया तब मेले में आमजन के मनोरंजन के लिए आने वाले लोगों से लेना तो दूर निःशुल्क स्टाले लगवाई ओर उनके कम ग्राहकी हुई तो आने जाने का भाडा एवं खर्चा मिलाकर 29 हजार रूपये चुकाने पडे, मवेशियों के लिए घास, रचका , पानी, बिजली तक की निःशुल्क व्यवस्था की। यह क्रम करीब चार साल तक चला ओर पांचवे साल तो मेले में दुकान, डोलर, चकरी आदि आने वाले शुरू हो गये उसके बाद से ग्राम पंचायत के इनकम शुरू हो गयी ओर पांचवे साल उन्होने अच्छी आय अर्जित की ओर यहां के युवा, बुर्जुग एवं आमजन का पुरा सहयोग रहा जिसके चलते आज वर्तमान स्वरूप में ग्राम पंचायत की आय 3 से 4 गुना बढ गयी है। ग्रामीणों के सहयोग से पंचायत ने मेला की बाउन्ड्रीवाल बनवाई, मेला मंच बनाया एवं टयूबवेल करवाया एवं मेले में रोशनी के लिए 40 से 50 पोल खरीद कर लगवाये।
आज मेला योवन पर है ओर क्षेत्र का सबसे बडा मेला है।मेला के समापन होने के बाद भी दीपावली तक स्टाले सजी रहती है। वर्तमान मे मेले में व्यापार करने वालों के अच्छी आय होने लगी है। मेनार मेले में खास बात यह रहती है कि यहाँ पर आने वाले सभी व्यक्ति अपने आप को महफूज समझते हैं और सभी दुकानदार को हर प्रकार की सुविधाओं के साथ सामान चोरी की भी किसी प्रकार की कोई चिंता नहीं रहती हैं।
