खेरवाडा की बावलवाडा ग्राम पंचायत से जारी नियम विरुद्ध पट्टे को एडीएम कॉर्ट ने किया निरस्त ; तत्कालीन सरपंच ने पुत्र के नाम जारी किया था पट्टा

खेरवाडा,डीपी न्यूज नेटवर्क । खेरवाड़ा उपखण्ड़ क्षेत्र की बावलवाड़ा ग्राम पंचायत में तत्कालीन सरपंच लीला देवी एवं सचिव रामलाल महावर के संयुक्त हस्ताक्षर से वर्ष 2007 में 20 दिसंबर को जारी किया गया बापी पट्टा को नियम विरुद्ध मानते हुए उदयपुर एडीएम कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने 10 अक्टूबर 2024 को दिए निर्णय के अनुसार पंचायती राज अधिनियम के विभिन्न नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर इसे निरस्त करने का आदेश पारित किया। निरस्तीकरण आदेश में बताया कि पंचायत को आबादी भूमि के अलावा अन्य किसी पड़त भूमि में 2700 वर्गफीट से अधिक का पट्टा जारी करने का अधिकार नहीं है जबकि पंचायत द्वारा 5000 से भी अधिक वर्ग फीट का पट्टा जारी कर दिया है। तत्कालीन सरपंच ने अपने पुत्र राजपाल अहारी के नाम पट्टा जारी किया था।

नियम विरुद्ध पंचायत द्वारा पट्टा जारी करने पर राजकुमार असारी एवं ग्रामीणों ने उसकी जांच के लिए उप तहसीलदार बावलवाड़ा, विकास अधिकारी खेरवाड़ा, विधायक खेरवाड़ा आदि को ज्ञापन प्रस्तुत किया था। उसी के अनुरूप विकास अधिकारी खेरवाड़ा द्वारा आवश्यक जांच कर इसकी विस्तृत रिपोर्ट पेश की गई थी।

ग्रामीणों की शिकायत, दिए गए साक्ष्य, विकास अधिकारी की रिपोर्ट, अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद उदयपुर के पत्र एवं राजस्थान पंचायती राज नियम 1996 के तहत पाई गई विभिन्न अनियमितताओं को देखते हुए मामला बीडीओ खेरवाड़ा ने एडीएम कोर्ट में पेश किया। अवैध तरीके से जारी बापी पट्टे को एडीएम न्यायालय उदयपुर द्वारा निरस्त कर दिया गया। लीला देवी वर्तमान में भी बावलवाड़ा की सरपंच हैं।

इधर, सर्व समाज विकास संस्था के अध्यक्ष राजकुमार असारी व ग्रामीणों ने शुक्रवार को उपखण्ड़ अधिकारी खेरवाड़ा को ज्ञापन देकर न्यायालय अतिरिक्त जिला कलेक्टर के आदेश की पालना कराने की मांग की।

 

 

 

source :  DB

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