मकई के स्टार्च से कंपोस्टेबल बैग का निर्माण
डीपी न्यूज नेटवर्क,मावली,ओमप्रकाश सोनी । फतहनगर महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में सांस्कृतिक स्रोत प्रशिक्षण केंद्र उदयपुर, संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार के द्वारा सामुदायिक पुनर्निवेश कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यावरण जागरूकता कार्यशाला का आयोजन हुआ ।कार्यशाला के मुख्य अतिथि समाजसेवी सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य बसंत कुमार त्रिपाठी थे । कार्यशाला की अध्यक्षता विदिशा वर्मा व्याख्याता ने की । कार्यशाला का संचालन जगदीश प्रसाद सिंघल ने किया।मुख्य वक्ता सीसीआरटी के विशेषज्ञ डॉ ललित नारायण आमेटा ने पर्यावरण का एक परिचय देते हुए बताया, एक रिसर्च में पाया एक टन भर वाला पौधा 50 वर्षीय में 15 लाख 70 हजार पर्यावरण के खाते में डालता है साथ ही पौधे का जीवन में महत्व पर चर्चा की। स्वच्छ, हरित एवं सर्वोच्च भारत निर्माण पर चर्चा करते हुए स्वच्छ भारत में निर्माण आमजन की सहभागिता की अपील की। कंपोस्टेबल पर्यावरण रक्षण-“सिंगल इस प्लास्टिक का विकल्प” मकई के स्टार्च बनी पॉलिथीन उपयोग पर चर्चा करते हुए बताया 180 दिन में खाद में कन्वर्ट हो जाती है यह भारत सरकार से मान्यता प्राप्त है प्रकृति मित्र होती है। मुख्य अतिथि बसंत कुमार त्रिपाठी ने स्वच्छ पर्यावरण निर्माण 192 बालक-बालिकाओं का संकल्प कराया । यह कार्यक्रम कार्यवाहक प्रधानाचार्य अनीता यादव के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मुख्य अतिथि त्रिपाठी के द्वारा स्वच्छता रैली कोई हरी झंडी दिखाकर रवाना जो फतहनगर शहर के विभिन्न मार्ग पर स्वच्छता का संदेश एवं अपील की।इस अवसर विनिशा वर्मा, मधु मंडोवरा, पंकज , देवकन्या आमेटा, ध्रुव रेवाड़िया आदि उपस्थित थे।
