उदयपुर में आदमखोर लेपर्ड ने 2 दिन में ली 3 जान : लेपर्ड ने आज महिला को बनाया शिकार, खींचते हुए जंगल में ले गया लेपर्ड
उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । उदयपुर में लेपर्ड आदमखोर होता जा रहा है। लेपर्ड ने 2 दिन में 5 किलोमीटर के दायरे में 3 लोगों को मार डाला। आदमखोर लेपर्ड ने शुक्रवार को खेत में काम कर रही एक महिला पर हमला कर दिया और उसे खींचते हुए जंगल में ले गया। मामला गोगुंदा क्षेत्र के छाली पंचायत के उमरिया गांव का है। जानकारी के अनुसार, हमेरी भील (50) पत्नी नाना गमेती शुक्रवार शाम करीब 4 बजे घर से थोड़ी दूर जंगल के पास स्थित खेत में चारा काट रही थी। वह बकरियों को भी अपने साथ लेकर गई थी। इससे थोड़ी दूरी पर गांव के कुछ महिला-पुरुष भी चारा काट रहे थे। इस दौरान पीछे से आए लेपर्ड ने हमेरी बाई पर हमला कर दिया और उसे जबड़े में दबोचकर झाड़ियों में ले गया। इस दौरान वहां पर भेवड़िया और उंडीथल गांव के सैकड़ों लोग पहुंच गए और पत्थर फेंककर लेपर्ड को भगाने की कोशिश की। कुछ देर बाद लेपर्ड वहां से उठा और पहाड़ी पर चढ़कर बैठ गया। लेपर्ड के डर से करीब आधे घंटे तक लोग हमेरी बाई के पास नहीं जा सके। लेपर्ड के वहां से जाने के बाद लोग हमेरी बाई के पास पहुंचे, तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
ग्रामीणों ने बताया कि लेपर्ड के हमला करने पर हमेरी बाई जोर-जोर से चिल्लाने लगी। इस पर हम लोग कुल्हाड़ी और लाठी-डंडे लेकर खेत की तरफ भागे, लेकिन तब तक लेपर्ड हमेरी भील को खींचकर जंगल में झाड़ियों की तरफ ले जा चुका था।
ग्रामीणों ने बताया कि हमेरी भील का खेत जंगल से सटा हुआ है। जब हम सब लोग मौके पर पहुंचे तो वहां हमेरी भील की ओढ़नी पड़ी थी। हम लोगों ने झाड़ियों में हमेरी भील को देखा और लेपर्ड उसके पास ही बैठा हुआ था। लेपर्ड हम लोगों पर भी हमला नहीं कर दे, इसलिए किसी की भी वहां जाने की हिम्मत नहीं हो पाई।
लेपर्ड ने 1 दिन पहले 2 लोगों की ली थी जान
इससे पहले 19 सितंबर (गुरुवार) भी लेपर्ड ने 2 लोगों पर हमला कर मार डाला था। गोगुंदा थाना क्षेत्र के उंडीथल गांव में गुरुवार सुबह करीब 8.30 बजे लेपर्ड ने नाबालिग लड़की को मार डाला था। नाबालिग का हाथ चबाने के साथ ही मुंह, पीठ और छाती को भी लेपर्ड ने बुरी तरह नोच डाला। लड़की का शव घने जंगल में करीब 4 किलोमीटर अंदर मिला। इसके बाद देर शाम करीब 6.30 बजे उंडीथल गांव से 3 किमी दूर भेवड़िया गांव में खेतों में गए युवक पर लेपर्ड झपट पड़ा। नुकीले पंजों से उसकी गर्दन और सीने पर हमला कर दिया। ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंचते इससे पहले ही युवक की मौत हो गई।
ग्रामीणों ने बंद किया रास्ता, मुआवजा देने की मांग
लेपर्ड के हमले में 2 लोगों की मौत के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए थे। मुआवजे की मांग को लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार सुबह 8 बजे विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने गोगुंदा-झाड़ोल रोड को पत्थर लगाकर बंद कर दिया था। ग्रामीणों ने बताया कि 2 लोगों को मारने के बाद देर रात को लेपर्ड की मूवमेंट गांव के आस-पास देखी गई।
लेपर्ड घटनास्थल से करीब 600 मीटर दूर सोलरिया गांव में घूमता नजर आया था। कुछ ग्रामीणों ने लेपर्ड को देखा तो गांव के दूसरे लोगों को जानकारी दी। इस पर गांव के लोग डंडा लेकर लेपर्ड को भगाने के लिए दौड़े, लेकिन वह कहीं पर नजर नहीं आया।
