उदयपुर जिले में एसडीएम की कुर्सी के लिए महिला अफसरों में जंग
- मैं ही एसडीएम, सरकार सीमा को छह सितंबर को रिलीव कर चुकी : निरमा
- रिलीव नहीं हुई, छुट्टी पर थी, हाईकोर्ट के स्टे के आधार पर पद संभाला : सीमा
डीपी न्यूज नेटवर्क । उदयपुर शहर से सटे बड़गांव में गुरुवार को दो महिला आरएएस अफसरों में कुर्सी को लेकर जंग छिड़ गई। गुरुवार सुबह मौजूदा एसडीएम निरमा की मौजूदगी में सीमा तिवाड़ी कार्यालय पहुंची और तबादले पर हाईकोर्ट के स्टे ऑर्डर का हवाला देकर कुर्सी पर बैठ गईं। दोनों में विवाद की सूचना कलेक्टर अरविंद पोसवाल और एसपी योगेश गोयल तक पहुंची। इसके बाद पुलिस जाब्ता पहुंचा। निरमा ने कहा कि मैंने 7 सितंबर को ही एसडीएम का पदभार संभाल लिया था। डीओपी की 6 सितंबर को जारी तबादला सूची में स्पष्ट लिखा था कि तुरंत प्रभाव से नए पद पर कार्यभार ग्रहण कर रिपोर्ट भेजें। इससे स्पष्ट है कि सीमा रिलीव हो चुकीं। हाईकोर्ट के आदेश में भी यही है कि रिलीव नहीं हुई हैं तो ज्वाइन कर सकती हैं। इसके बावजूद वे राजकार्य में बाधा पैदा कर परेशान कर रही हैं।
रिपोर्ट कलेक्टर के मार्फत प्रदेश सरकार को भेज दी है। उधर, सीमा तिवाड़ी ने कहा कि मैं 6 सितंबर तक मेडिकल लीव पर थी। मैं रिलीव ही नहीं हुई। अब स्वस्थ होने और हाईकोर्ट से स्टे मिलने के बाद फिर से एसडीएम का पदभार संभाला है। इससे पहले कलेक्टर को हाईकोर्ट के आदेश की कॉपी दी। जानकारी कार्मिक विभाग को भी भेज दी है। उधर, दिनभर सीमा कुर्सी पर बैठी रहीं और निरमा पुलिस निगरानी में वहां मौजूद रहीं। सीमा का तबादला 6 सितंबर को प्रतापगढ़ में टीएडी के अतिरिक्त आयुक्त पद पर किया गया था और निरमा को एसडीएम लगाया था।
कलेक्टर ने गुरुवार को एक आदेश जारी किया। इसमें लिखा कि निरमा बड़गांव एसडीएम पद के साथ गिर्वा के सहायक कलेक्टर रमेश सिरवी के मुख्यालय लौटने तक प्रोटोकॉल अधिकारी का अतिरिक्त कार्यभार भी संभालेंगी। इस आदेश से स्पष्ट है कि निरमा ही एसडीएम हैं। हालांकि सीमा फिर हाईकोर्ट जा सकती हैं। उधर, कलेक्टर ने कहा कि विवाद की रिपोर्ट कार्मिक विभाग को भेज दी है। वहां से मिलने वाले आदेश का पालन करेंगे।
