भाजपा नेता का महिला के साथ संदिग्ध हालत में वीडियो वायरल : खुद के मोबाइल से ही डाला, सोशल मीडिया पर आते ही भाजपा में हडकंप, किया पदमुक्त ; नत्थे खान बोले : वायरल विडियो में महिला मेरी पत्नी,विडियो वायरल करने वाले के खिलाफ कार्यवाही करूंगा

उदयपुर,डीपी न्यूज नेटवर्क । भारतीय जनता पार्टी के उदयपुर में एक नेता का एक महिला के साथ संदिग्ध हालत में वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर आया। वीडियो से भाजपा में हडकंपम मच गया और उसके बाद भाजपा ने उदयपुर भाजपा देहात अल्पसंख्यक मोर्चा के जिलाध्यक्ष नत्थे खां पठान को पद मुक्त कर दिया। इस बारे में नत्थे खान बोले कि जो महिला साथ है वह उनकी पत्नी है और जिसने मेरे मोबाइल से इसे ग्रुप में डाला है उसके खिलाफ कार्रवाई करुंगा।

सोमवार रात करीब 10:14 बजे कुराबड़-बंबोरा क्षेत्र के एक ग्रुप में खान के मोबाइल से ही वीडियो-फोटो शेयर किया गया और बाद ग्रुप के कुछ लोगों ने पठान को निजी स्तर पर इसकी जानकारी दी। पठान ने अगले एक मिनट में 6 वीडियो और फोटो डिलीट भी कर दिए थे। इससे पहले ही ग्रुप के कई लोग इसे डाउनलोड कर चुके थे।

बाद में नत्थे खां ने 57 सेकंड का वीडियो डालकर सोशल मीडिया पर खुद की ओर से सफाई दी। इसमें कहा कि वीडियो में वह और उनकी पत्नी के बीच संवाद हो रहा है। ये उनका व्यक्तिगत जीवन है। समाजसेवी होने के कारण घर पर कई लोगों का आना-जाना रहता है। किसी ने उनके मोबाइल से वीडियो शेयर कर दिए है। ये शर्मनाक है और वे इसकी जांच कराएंगे। पठान ने आरोप लगाया कि उनका राजनीतिक जीवन खत्म करने वाले लोगों ने जानबूझकर उनकी छवि को बिगाड़ने के लिए इस यह किया है।

पार्टी में पठान की छवि कद्दावर नेता के तौर पर रही है। बीते 10 साल में लगातार तीसरी बार पठान को मोर्चा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी मिली। उनके परिवार का भी राजनीति में दबदबा रहा है। उनकी बहू आसमां खान 2015 में कुराबड़ में भाजपा के टिकट पर पंचायत समिति सदस्य का चुनाव जीतीं और पार्टी से बगावत कर निर्दलीय प्रधान बनी। हालांकि, बाद में उन्होंने भाजपा में ही बने रहने की घोषणा कर दी थी। इस बारे में नत्थे खान ने कहा कि मैंने अपनी पार्टी को भी स्पष्टीकरण दे दिया है।

देहात भाजपा जिलाध्यक्ष डॉ. चंद्रगुप्तसिंह चौहान ने कहा कि वीडियो आने की जानकारी मिलते ही नत्थे खां पठान को पद से हटा दिया गया। मामले के संबंध में पार्टी के प्रदेश स्तरीय नेताओं को भी जानकारी दी गई है। चौहान ने कहा कि भाजपा ही नहीं किसी भी राजनीतिक और सांस्कृतिक संगठन से जुड़े प्रतिनिधि को ऐसी गतिविधियों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। इस तरह की गतिविधियां सामाजिक तौर पर दुखदायी हैं। ऐसी गतिविधियों को लेकर समाज चिंतकों को विचार करने की जरूरत है।

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