पुलिस की जांच में कमी के कारण हार्डकोर अपराधी हुआ दोषमुक्त,राजस्थान और एमपी में करीब 48 मामले है दर्ज

चित्तौड़गढ़,डीपी न्यूज नेटवर्क । राजस्थान और मध्य प्रदेश का हार्डकोर अपराधी कमल सिंह राणा को विशेष न्यायाधीश एनडीपीएस प्रकरण संख्या-2 में पेश किया गया है। आरोपी को मंगलवाड़ थाने में दर्ज मामले के एक धारा से दोषमुक्त किया गया। इसके पीछे पुलिस की लापरवाही सामने आई। पुलिस मुख्य आरोपी के बयान पर कमल राणा को आरोपी तो बना दिया। लेकिन दोनों के बीच कोई संबंध को साबित नहीं कर पाई। मामला 10 साल पुराना है। राणा पिछले साल जून महीने से चित्तौड़गढ़ जिला जेल में बंद है। कड़ी सुरक्षा में उसे जेल से कोर्ट तक लाया गया। इस दौरान सदर थाना पुलिस का जाब्ता और पुलिस लाइन का जाब्ता मौजूद रहा।

राजस्थान और एमपी में कुल 48 मामले हैं दर्ज

पुलिस अपराध शाखा, जयपुर के अतिरिक्त महानिदेशक दिनेश एमएम के निर्देश पर जून 2023 में अंतरराज्यीय हार्डकोर तस्कर कमल सिंह राणा को पकड़ा गया था। गिरोह के अन्य चार साथी भी पकड़े गए। तब से अब तक आरोपी राणा जेल में बंद है। उसपर राजस्थान और एमपी में हत्या, लूट, डकैती, फायरिंग, अपहरण और तस्करी के कुल 48 मामले दर्ज है। इसे जयपुर पुलिस की टीम ने महाराष्ट्र के शिरडी से पकड़ा था। इसके खिलाफ मंगलवाड़ थाने में मामले दर्ज थे, जिसमें यह वांछित था। मंगलवाड़ थाने के ही एक मामले में आरोपी को कोर्ट में पेश किया गया था। इसके लिए भारी पुलिस बल तैनात किए गए थे। उसे कड़ी निगरानी में कोर्ट लाया गया। तस्कर को सदर पुलिस सब इंस्पेक्टर महेंद्र सिंह मय जाब्ता, सीआई रूप सिंह जाटव और पुलिस लाइन जाब्ता के साथ लाया गया।

मुख्य आरोपी और कमल राणा में लिंक साबित नहीं कर पाई पुलिस

साल 2014 में मंगलवाड़ पुलिस ने कार्रवाई की थी। उसमें 14 क्विंटल डोडाचूरा के साथ एक आरोपी को पकड़ा था। पूछताछ में आरोपी ने अपने बयान में कमल सिंह राणा का नाम लिया था। पुलिस ने उसी के आधार पर कमल राणा को नामजद किया था। उसके बाद हुए इन्वेस्टिगेशन में कमल राणा का इसमें लिप्त होना नहीं पाया गया। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी और कमल राणा के बीच में लिंक को साबित ही नहीं कर पाई। जिसका फायदा एक हार्डकोर अपराधी को मिला।

पुलिस ने लापरवाही दिखाते उचित जांच नहीं कर पाई। नतीजा आज कोर्ट में आरोपी कमल राणा की ओर से पैरवी कर रहे एडवोकेट कैलाश चंद्र ने बताया कि कोर्ट में NDPS प्रकरण संख्या-2 के विशेष न्यायाधीश अचला आर्य ने दोनों पक्षों को सुना। सबूत के अभाव में कमल सिंह राणा को 8/29 धारा में दोषमुक्त पाया। बता दे कि कमल राणा पर राजस्थान में 50 हजार और मध्य प्रदेश में 20 हजार रुपए की इनाम की घोषणा की गई थी। हालांकि उसपर अन्य मुकदमे चल रहे हैं। जिसके कारण राणा को अभी भी जेल में रखा जाएगा।

 

 

0
0

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You may have missed

error: Content is protected !!