सॉफ्टवेयर इंजीनियर को डिजिटल अरेस्ट कर 25 लाख रूपये ठगे
जोधपुर के सॉफ्टवेयर इंजीनियर को साइबर ठगों ने 3 घंटे तक डिजिटली अरेस्ट रखा और निजी जानकारी लेकर तीसरे दिन उसके अकाउंट से 25 लाख रुपए निकाल लिए। ठग खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का DG बताया। धमकाया कि उसके नाम से मुंबई से अवैध रूप से ईरान ड्रग भेजी जा रही है। कार्रवाई में सपोर्ट नहीं किया तो आधे घंटे में आकर पुलिस उसे अरेस्ट कर लेगी। युवक उनसे कहता रहा कि ये पार्सल उसका नहीं है। ठगी के बाद उसे विश्वास में लेने के लिए यह भी कहा गया कि अपना अकाउंट ब्लॉक करा लो। साइबर फ्रॉड हो सकता है।
मामला जोधपुर के महामंदिर थाना इलाके का है। ठगी का पता चलने पर युवक ने मामला 26 अगस्त की शाम दर्ज करवाया। महामंदिर थानाधिकारी शिवलाल मीणा ने बताया कि मामला फ्रॉड ट्रांजेक्शन से जुड़ा है, रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। इस पर जांच की जा रही है।
खुद को बताया क्राइम ब्रांच का DG
महामंदिर थाने में अंकित देवड़ा (30) ने रिपोर्ट दी है। इसमें बताया- वह राखी पर 19 अगस्त को बेंगलुरु से अपने घर जोधपुर आया हुआ था। वह बेंगलुरु में सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। 19 अगस्त को सुबह 10 बजे उसके नंबर पर कॉल आया। बात करने वाले ने खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का DG बताते हुए उसे कहा- उसके नाम से FEDEX पार्सल मुंबई से ईरान भेजा जा रहा है। जिसमें अवैध सामान है। पार्सल में पांच पासपोर्ट, 2 लेपटॉप, 3 क्रेडिट कार्ड और 350 ग्राम एडीएमए है। इस पर अंकित ने कॉल करने वाले से कहा कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं और यह सामान उसने नहीं भेजा है।
इसके बाद दोबारा कॉल आया और धमकाते रहे कि अगर कार्रवाई में हमारी मदद नहीं की तो तुम्हे अरेस्ट कर लिया जाएगा। त्योहार के दिन उसे फोन पर फोन आते रहे। मामले को लेकर वह घबरा गया और उसने यह बात घर पर भी नहीं बताई। खुद को DG बताने वाले ने अंकित से बैंक समेत अन्य निजी जानकारियां भी ले ली। इसके 3 दिन बाद (21 अगस्त) को उसे मालूम चला कि उसके अकाउंट से 25 लाख 83 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं।
कहा- मुंबई में यूज हो रहा है आधार कार्ड
पिता पृथ्वी देवड़ा ने बताया कि- राखी के दिन बेटे को ठगों ने कमरे में एकांत में जाने को कहा था और आधार नंबर बता कर भरोसे में लिया। कहा- हमने तफ्तीश करनी है तो आपको हमें सपोर्ट करना पड़ेगा। अगर आपने ऐसा नहीं किया तो आधे घंटे में आकर पुलिस आपको अरेस्ट कर लेगी।
मुंबई में आपका आधार यूज लिया जा रहा है। आपको इससे बचाना चाहते हैं हम। इसके बाद उसे मुंबई आने के लिए कहा गया। बच्चे ने कहा कि मुंबई तो नहीं आ सकता है। इस पर उससे कहा गया कि नहीं आ सकते तो अब आपको डेढ़ से 2 घंटे वीडियो कॉल पर रहना होगा। उसे इस दौरान डराया और धमकाया गया। इसके बाद संदिग्ध लेनदेन के नाम पर 6 महीने का स्टेटमेंट मंगवाया गया।
