राजनीति में धर्म नीति होनी चाहिए ,धर्म नीति में राजनीति नहीं : आचार्य पुलक सागर
ऋषभदेव,डीपी न्यूज नेटवर्क । भट्टारक यशकीर्ति दिगंबर जैन मंदिर में चातुर्मास हेतु विराजित भारत गौरव राष्ट्र संत आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज के ज्ञान गंगा महोत्सव के 9 वे दिन अमृत प्रवचन में कहा कि
“राजनीति में धर्म नीति होनी चाहिए ,धर्म नीति में राज नीति नही होनी चाहिए । जब जब सत्ता सत्य के चरणों में झुकती है, तब वो सत्ता सत्य का आशीर्वाद लेकर राम राज्य की स्थापना किया करती है। जिस सत्ता ने सत्य का दामन छोड़ा है, तो सत्ता का पत्ता कटने में देरी नहीं लगती है।”
आचार्य श्री ने जन जाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबूलाल खराड़ी को संबोधित करते हुवे कहा इतने ऊंचे ओहदे पर पहुंच कर उनमें एक सादगी एक विनम्रता की बात होना बड़ी बात है , किसी बुलंदी पर पहुंचना बड़ी बात नहीं है , बल्कि बुलंदियों पर टिका रहना बड़ी बात है । आचार्य श्री ने कहा कि हमारे दोनो का एक ही विभाग है ये जनजाति का कल्याण करते है और मैं जन कल्याण करता हूं, बस फर्क इतना है ये साधन देकर कल्याण करते है हम साधना देकर कल्याण करता हैं । इस मौके पर जन जाति क्षेत्रीय विकास मंत्री बाबू लाल खराड़ी ने कहा कि यह भारत भूमि है ये ऋषि मुनियों की धरती है यहां की सनातन संस्कृति ने विश्व कल्याण की कामना की है। सनातन संस्कार वासुदेव कुटुंब की बात करता है। यह धरा परमार्थ को जीने का संस्कार देती है। जब जब भी भारत का समाज सुषुप्त अवस्था में आया है तो भारत की भूमि पर हर युग में संतो ऋषियों ने समाज को जागृत करने का कार्य किया है । वर्तमान युग में आचार्य पुलक सागर जी महाराज पूरे भारत को एक नई दिशा दे कर जागृत कर रहे हैं । अभी भारत संक्रमण काल में गुजर रहा है आज के समय में इन संतो की महत्ती आवश्यकता है। अमृत प्रवचन में उदयपुर की जिला प्रमुख ममता कुंवर, प्रदेश सहकारिता प्रकोष्ठ भाजपा के प्रमोद सामर ,पूर्व विधायक नानालाल अहारी , पूर्व भाजपा देहात जिला अध्यक्ष भंवर सिंह , पूर्व जिला उप प्रमुख सुंदरलाल भाणावत उपस्थित थे । कलश स्थापना पाद प्रक्षालन शास्त्र भेट देवीलाल पांचाल परिवार ने किया, इससे पूर्व अतिथियों ने दीप प्रज्वलन कर ज्ञान गंगा महोत्सव का आगाज किया एवम सेठ राजमल कोठारी, अध्यक्ष भूपेंद्र कुमार जैन ,महामंत्री प्रदीप कुमार जैन एवं अन्य समाज जनों ने अतिथियों का स्वागत किया।
