डमी अभ्यर्थी बिठाकर परीक्षा दी ,एक शिक्षक और दो वीडीओ बने : तीनों के खिलाफ प्रकरण दर्ज, अब गिरफ्तारी में जुटी पुलिस
बांसवाड़ा जिले में कुछ लोग भी जागरूक होकर पुलिस की मदद से डमी अभ्यर्थी बैठाकर सरकारी नौकरी पाने वालों के खिलाफ उतर आए हैं। कुछ लोगों ने हाल ही में पुलिस को कुछ सरकारी कार्मिकों पर संदेह की शिकायत की है। इसी आधार पर पुलिस ने पहले शिकायत की जांच की और बाद में दस्तावेज सत्यापन के बाद प्रकरण दर्ज कर रही है।
मंगलवार को पुलिस ने दो ग्राम विकास अधिकारी यानी VDO और एक शिक्षक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। डीएसपी बागीदौरा विनय चौधरी ने बताया कि परिवाद प्राप्त हुआ था। जिसकी जांच करने पर आरोप सही साबित हुए तो केस किया है। अब इनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
चौधरी ने शिक्षक ईश्वर पारगी निवास डीफोर आनंदपुरी के मामले में बताया कि उसने डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास की और नियुक्ति ली। जो प्राथमिक विद्यालय भोराज में कार्यरत हैं। इसने 2018 में शिक्षक भर्ती में आवेदन किया था। पुलिस को आशंका है कि ईश्वर की अन्य डिग्री भी फर्जी हो सकती है। जिसकी जांच की जाएगी। परिवाद की जांच में 13 दस्तावेजों की जांच करने के बाद आरोप साबित होने के बाद केस दर्ज किया।
वहीं, ग्राम सेवक भर्ती में एक केस महुडी सज्जनगढ़ निवासी पूंजीलाल ताबीयार के खिलाफ दर्ज किया है। डीएसपी ने बताया कि पूंजीलाल ने 2016 ग्राम सेवक भर्ती में डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास की थी। परिवाद की जांच के लिए जिला परिषद से दस्तावेज की जांच की तो एप्लीकेशन फॉर्म और ई प्रवेश पत्र में अंतर सामने आया। इसके हस्ताक्षर में भी काफी अंतर है। वर्तमान में यह सज्जनगढ़ पंचायत समिति में कार्यरत है।
वहीं दूसरा ग्राम विकास अधिकारी कुशलगढ़ के सुखेडा का रहने वाला सुभाष अड़ है। इसके भी आवेदनों में फोटो में अंतर सामने आया। सुभाष ने 2016 में ग्राम सेवक भर्ती परीक्षा में डमी कैंडिडेट बिठाया था। साथ ही छात्रावास अधीक्षक ग्रेड 2 भर्ती परीक्षा 2016 में भी डमी कैंडिडेट से परीक्षा पास की वर्तमान में खूंटा चतरा ग्राम पंचायत में वीडीओ के पद पर कार्यरत है। पुलिस अब अब इनकी गिरफ्तारी में जुट गई है। जिसे बाद अन्य कई नाम सामने आ सकते हैं।
