सत्रारंभ वाक्पीठ के समापन पर ब्लॉक के प्रतिभावान विद्यार्थियों का किया सम्मान, सफलता के लिए शिक्षा आवश्यकःडा.एन.एस.राठौड़

उदयपुर,कन्हैयालाल मेनारिया । गिंट्स कैम्पस डायरेक्टर एवं एमपीयूटी उदयपुर के फोर्मर वाइस चांसलर डॉ० एन.एस. राठौड ने मावली ब्लॉक के संस्था प्रधानों की संत्रारंभ वाकपीठ को सम्बोधित करते हुए कहा कि सफलतम व्यक्ति के लिए शिक्षा की महत्ती आवश्यकता है। पद और प्रतिष्ठा भी सफलता नहीं है। इमोशनल व्यक्ति ही जीवन में सफल है। उन्होने कहा कि जीवन में मनोरंजन भी होना चाहिए। वाक्पीठ समापन कार्यक्रम के मुख्य अतिथि देहात जिला कांग्रेस कमेटी के जिला महामंत्री श्यामलाल आमेटा ने विधायक मद से भवनों का काम करवाने का आश्वासन दिया। अध्यक्षता मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रमोद कुमार सुथार ने की। एसीबीईओ प्रकाश चैधरी,राजस्थान अम्बेडकर शिक्षक संघ प्रदेशाध्यक्ष खेमराज कडेला, धुुलीराम डांगी, शंकरलाल खटीक आदि बतौर अतिथि मंचासीन उपस्थित थे। अतिथि स्वागत वाक्पीठ कार्यकारिणी सदस्यों द्वारा किया गया। दसवीं तथा 12वीं बोर्ड परीक्षा के प्रतिभावान बच्चों का अतिथियों के हाथों बहुमान किया गया। प्रतिभावान बच्चों ने मंच के माध्यम से सफलता की कहानी भी साझा की। सेवानिवृत होने वाले प्रधानाचार्य सुनिता पालीवाल (सांगवा) एवं श्रीमती सुरज माहेश्वरी (खेमली) का सरोपा, उपरना द्वारा स्वागत कर अभिनंदन पत्र भेंट किया। अभिनंदन पत्र का वाचन सभाध्यक्ष मोहनलाल स्वर्णकार ने किया। बोर्ड परीक्षा के शत प्रतिशत परिणाम देने वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को उपरना ओढ़ाकर प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

वाकपीठ के दौरान राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर जगदीश चन्द्र पालीवाल ने तथा डिजीटल प्रवेशोत्सव पर सोनल हेड़ा ने जानकारी दी। एनएमएमएस परीक्षा के आवेदन की प्रक्रिया इन्दु हाड़ा ने साझा की। सीबीइओ मावली के सहायक लेखा अधिकारी आशीष कुमावत ने लेखा सम्बन्धी जानकारी दी। सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति महात्मा गांधी स्कूल डबोक की बालिकाओं द्वारा दी गयी। वरिष्ठ आयुर्वेदाचार्य शोभालाल औदिच्य ने आयुर्वेद का स्वास्थ्य और जीवन कौशल में महत्व विषयक वार्ता प्रस्तुत की। प्रहलादसिंह राव ने भी मोटिवेशनल वार्ता दी। समापन अवसर पर वाकपीठ कार्यकारिणी के उपाध्यक्ष राजेन्द्रसिंह दलावत, कोषाध्यक्ष दीपक तलेसरा, मिठालाल लौहार, शक्तिसिंह, मनोज समदानी, दिनेशसिंह, गोपाल साहू, आशा सोनी, भानसिंह राव सहित कार्यकारिणी सदस्य उपस्थित रहे। अंत में वाकपीठ अध्यक्ष उमेश माहेश्वरी एवं सचिव प्रदीपसिंह नेगी ने आभार व्यक्त किया। संचालन मोहनलाल स्वर्णकार तथा जगदीश पालीवाल ने किया।

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