शारीरिक शिक्षकों का परम दायित्व है कि वह विद्यालय के बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाए

नो बैग डे का पूर्ण उपयोग कर बालकों में आ चुकी श्रम को शर्म मानने की भावना को दूर करें : लोकेश भारती

माध्यमिक और प्रारंभिक के शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय जिला स्तरीय सामूहिक सत्रारंभ संगोष्ठी संपन्न 

26 वर्षों बाद हुई शारीरिक शिक्षकों की सामूहिक संगोष्ठी 

बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । शारीरिक शिक्षकों का परम दायित्व है कि वह विद्यालय के बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाएं । उदयपुर जिले के माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा के शारीरिक शिक्षकों की दो दिवसीय जिला स्तरीय सत्रारंभ वाकपीठ संगोष्ठी राजकीय भैरव उच्च माध्यमिक विद्यालय भींडर में आज संपन्न हुई । माध्यमिक शिक्षा शारीरिक शिक्षक वाक्पीठ के जिला अध्यक्ष डाइट व्याख्याता लक्ष्मण दास वैष्णव एवं प्रारंभिक शिक्षा वाकपीठ के जिला अध्यक्ष विजय लाल मेनारिया ने बताया कि दूसरे दिन आयोजित समापन समारोह के मुख्य अतिथि समग्र शिक्षा के ए डी पी सी वीरेंद्र कुमार यादव थे। अति विशिष्ट अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक लोकेश भारती एवं अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक मुरलीधर चौबीसा थे।अध्यक्षता उप जिला शिक्षा अधिकारी शारीरिक शिक्षा लक्ष्मण लाल सालवी ने की। विशिष्ट अतिथि राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह झाला , माध्यमिक शिक्षा वॉकपीठ के अध्यक्ष लक्ष्मण दास वैष्णव, सभाध्यक्ष जयप्रकाश भावसार, सचिव गजेंद्र मोहन चोबीसा , मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी रमेश खटीक, प्रधानाचार्य पंकज चौबिसा , राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय के संरक्षक प्रकाश वया, वरिष्ठ शारीरिक शिक्षक एवं संरक्षक हीरालाल सुथार,मुख्य सलाहकार एवं व्याख्याता शारीरिक शिक्षा हर्षवर्धन सिंह राव, हिंदुस्तान स्काउट एंड गाइड के संभाग सचिव गोपाल मेहता मेनारिया ,

जिला खेलकूद संचालन समिति के युगल किशोर शर्मा,बलवीर सिंह राठौड़, दिलीप भाणावत ,चुन्नीलाल चंदेरिया ,सलूंबर शारीरिक शिक्षा वाकपीठ के जिला अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह चुंडावत, भारत भूषण जोशी, संजय पंड्या, प्रवीण कुमार जैन, हरि सिंह राजावत,नरपत सिंह आदि थे।

जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक लोकेश भारती ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा की शारीरिक शिक्षकों का परम दायित्व है कि वह विद्यालय के बच्चों को शारीरिक एवं मानसिक रूप से बेहद मजबूत बनाएं। आज श्रम के शर्म बना दिया गया है। हमें बालकों को श्रम के प्रति सहचार्य की भावना सीखानी है। नो बैग डे का पूर्ण उपयोग कर हमें बालकों में आई श्रम के प्रति शर्म की हीन भावना को दूर करना है। भारती ने कहा कि सामाजिक मूल्यों का संवर्धन करना है। संस्कार बालकों के आचरण में झलकने चाहिए। उन्हें कर्तव्य का बोध हो, बोझ नहीं लगे ।बच्चे ही हमारी धुरी है ।ओलंपिक की शुरुआत भी हमारे विद्यालय के बालको से ही होती है ।आजकल परिवार नामक संस्था पर हो रहे गंभीर आक्रमणों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहां की हमें परिवार को बचाना है शारीरिक क्षमता में हम बहुत पीछे हो गए हैं पीछड़ गए हैं। उन्होंने योग पर भी विस्तार से अपने विचार रखें।

प्रकाश वया ने संबोधित करतेहुए कहा की शिक्षक अपने आप में शिक्षत्व जाग्रत करे। मुख्य अतिथि यादव ने कहा की सभी शारीरिक शिक्षकों को समग्र शिक्षा की ओर से यह अधिकार देता हूं कि शिक्षा विभाग में कहीं पर भी हो रहे भौतिक निर्माण के कार्य की गुणवत्ता को चेक करे। समग्र शिक्षा में पैसों की कोई कमी नहीं है दुःख इस बात का है कि विभिन्न मदों में जारी की गई राशि या तो समय पर खर्च नहीं की जा रही या फिर राशि लैप्स हो रही है। उन्होंने आव्हान किया कि सात अगस्त को पौधरोपण का विश्व रिकॉर्ड बनाना है , किसी भी कार्य की सफलता के लिए उन्होंने शारीरिक शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका पर विश्वास जताया, विद्यालय का अच्छा माहौल एवं छत की सफाई एवं भवन सुरक्षित रहे इसके लिए शारीरिक शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका अदा करते हैं। धन्यवाद और आभार वॉकपीठ सचिव गजेंद्र मोहन चौबीसा ने किया राष्ट्र गान के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।

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