चौबीसा को सेवानिवृत्ती पर गाजे-बाजे के साथ दी विदाई ,35 साल 7 माह तक राजकीय सेवा में रहे

बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । उदयपुर जिले के भींडर पंचायत समिति के बड़गाँव ग्राम पंचायत के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़गाँव में प्राध्यापक के पद पर दिनेश कु।कुमार चौबीसा के सेवानिवृत्त होने पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने उन्हे पूरे सम्मान के साथ विदाई दी। प्राध्यापक दिनेश कुमार चौबीसा ने क्षेत्र में 19नवम्बर 1988 से 31 जुलाई 2024(35 साल 11 महीने 2 दिन) अपनीे सेवाएं दीं। अपनी सेवा के दौरान कुशल और मिलनसार व्यवहार के कारण वे हमेशा सम्मान पाते रहै थे। दिनेश कुमार चौबीसा की सेवानिवृत्त पर शनिवार को राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़गाँव में विदाई समारोह का आयोजन रखा गया।

जिसमे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के नोडल के सभी विद्यालयों एव समस्त ग्रामसियो के द्वारा सामुहिक रुप से कार्यक्रम का आयोजन कर विदाई दी गई। विदाई समारोह कार्यक्रम में PEEO जगदीश लाल बाहेती प्रमुख रुप से मौजूद रहे।PEEO बाहेती एवं स्टाप के द्वारा प्राध्यापक दिनेश कुमार चौबीसा के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें शाल-श्रीफल एवं स्मृति चिन्ह प्रदान किया तथा लंबे समय तक शिक्षा के क्षेत्र में सेवाएं देने पर उनका आभार व्यक्त किया तथा उज्जवल भविष्य एवं दीघार्यु की कामना की। उनके कार्यों की प्रंशसा की।

सेवानिवृत्त प्राध्यापक को स्मृति चिंन्ह भेंटकर संबोधित करते हुए मदन लाल जाट ने कहा कि आज हम अपने साथी को विदा जरूर कर रहे हैं, लेकिन इनके द्वारा दिये गए ज्ञान की ज्योति के आधार पर शिक्षा के क्षेत्र में अच्छा कार्य करेंगे । इन्होंने सचे लग्न ओर निष्ठा के साथ जो क्षेत्र में 35 साल 11 माह 2दिन तक शिक्षा के क्षेत्र में राजकीय सेवाकाल में मानव सेवा में जो कार्य किये बहुत ही सहरानीय रहे।

वक्ताओं ने कहा कि प्राध्यापक दिनेश कुमार चौबीसा के कार्यकाल को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। वह ड्यूटी के प्रति बेहद सजग रहते थे।ऐसे साथी से अन्य को सीख लेकर कार्य करने की जरूरत है।

सेवानिवृत्त प्राध्यापक दिनेश कुमार चौबीसा ने संक्षिप्त उदबोधन में कहा कि मेरे मन में युवाकाल से ही शिक्षा विभाग में काम करने की इच्छा थी अंतिम सांस तक छात्र छात्राओं के शिक्षा बढ़ावा देने का प्रयास करूंगा। मुझे जो ग्रामीणों व विद्यालय परिवार से सहयोग मिला, उसके लिए हमेशा आभारी रहूंगा।इसके बाद बाजे-गाजे के साथ चौबीसा को बड़गाँव से उनके घर तक छोड़ा गया।

जीवन परिचय :-

मेवाड़ के शौर्य, भक्ति एवं शक्ति की पावनधरा वडी गांव के सरल सहजमना प्रखर उद्यमी पिताश्री रोडी लाल जी चौबीसा एवं माता श्रीमती सुंदरबाई के यहां 25-7-1964 को उदयपुर जिले के बड़ी गांव में जन्म हुआ। जो शिक्षा एवं शिक्षक समाज के लिए अनुपम उपहार स्वरूप है। स्थानीय गांव से शिक्षा प्राप्त कर करते हुए आपने बीएससी, बीएड एवं हिंदी साहित्य, समाजशास्त्र एवं लोक प्रशासन विषयों में एमए तक की शिक्षा प्राप्त की। साधारण परिवार के प्रखर पुरूषार्थी आपके पिताश्री और मातुश्री ने सम्यक् तरीके से पालन पोषण कर आपकी जीवन यात्रा का शानदार आगाज किया जो कि प्रेरणास्पद है, परिवार प्रदत्त संस्कारों का अनमोल पाथेय लेकर आपकी जीवन यात्रा निर्वाध आगे की ओर बढ़ती रही। सरल एवं सहजमना श्रीमती राधादेवी जी चौबीसा के साथ आपका पाणिग्रहण सम्पन्न हुआ और आपकी जीवन यात्रा आगे बढ़ी। अपनी अन्तर्निहित प्रतिभा के बूते पर आपने मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर स्तर की शिक्षा पूरी कर जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर से बी.एड. कर शिक्षकीय जीवन यात्रा की ओर अग्रसर होने की शानदार शुरूआत की जो कि आपके लिए फलदाई और शुभंकर साबित हुई।

शिक्षा के क्षेत्र में आपकी प्रथम नियुक्ति 19-11-1988 को रा.उ.प्रा.वि.बासा सलुबर उदयपुर में तृतीय श्रेणी शिक्षक

के पद पर हुए जो कि आपकी शिक्षकीय जीवन यात्रा का शानदार आगाज था। तपश्चात् द्वितीय श्रेणी में पदौन्नत होकर 7/8/2009 को रा.मा.वि. रामा पधारें। । तपश्चात् दि. 1826/06/2019 को प्राध्यापक के पद पर पदौन्नत होकर स्थानीय विद्यालय बड़गाँव में आप श्री का मंगल पदार्पण हुआ जो कि विद्यालय परिवार के लिए शुभंकर साबित हुआ है। आपने विद्यालय के शैक्षिक, सहशैक्षिक और भौतिक उत्कर्ष के लिए जो उल्लेखनीय अवदान किया है, जो कि निश्चित रूप से स्तुत्य और श्लाघनीय होकर अभिनन्दनीय है।

विद्यालय परिवार में समस्त शिक्षक साथियों के प्रति आपका विनयशील एवं सहयोगपूर्ण व्यवहार आपकी पहचान है। शिक्षण कार्य में आपकी गहरी पकड़ रही है, आपने सैंकड़ो सैंकड़ो छात्रों को अध्यापन करा कर उन्हे सच्चे और अच्छे इन्सान के रूप में तराशने का महनीय और ईश्वरीय कार्य कर आपने अपने शानदार और जानदार शिक्षकत्व को प्रकृष्ट किया है जो कि स्तुत्य है। सामाजिक और सांस्कृतिक सरोकारों से सन्दर्भित कार्यों में आपका संलिप्त रहना भी उल्लेखनीय है।

51000 रुपये प्रार्थना सभा हॉल निर्माण के लिए दिए

चौबीसा ने स्थानीय विद्यालय में 51000 रुपये प्रार्थना सभा हॉल निर्माण के लिए देकर नव निर्माण की प्रेरणा प्रस्तुत की है। आपके हंस मुख व्यक्तित्व, सहिष्णु स्वभाव, जनहितैषी, राष्ट्रीय व आध्यात्मिक महत्व के कार्यों में यगदान दिया।

कार्यक्रम में ब्लॉक शिक्षा कार्यालय से अधिकारी गण,पीईईओ के सभी विद्यालयों के स्टाफ, के पदाधिकारी एवं गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।

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