शिक्षक हत्याकांड मामला : जावद चौकी प्रभारी निलंबित,मुआवजे और सरकारी नोकरी की मांग पर अड़े परिजन, हत्या के आरोपी का हुआ अंतिम संस्कार
सलूंबर जिले के अदवास गांव में घर में बैठे टीचर की तलवार से गर्दन काटकर हत्या करने के बाद खुद को तलवार लगाने वाले आरोपी फतह सिंह का शाम को उदयपुर के एमबी अस्पताल में पोस्टमार्टम कर दिया गया और उसके शव को गांव ले गए। इस मामले में जावद चौकी प्रभारी को सस्पेंड कर दिया गया है।
दूसरी तरफ शिक्षक शंकरलाल के परिवार को सरकार की मदद मिलने और अन्य मांगों को लेकर समाजजन उदयपुर के एमबी अस्पताल की मॉर्च्युरी में अभी भी जुटे हुए हैं और कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होगी नहीं हटेंगे और आंदोलन को बड़ा रूप देंगे। प्रशासन के साथ बैठक भी हुई लेकिन सदस्यों का कहना है कि बात नहीं बनी।
जावद चौकी प्रभारी विक्रम सिंह निलंबित
शाम करीब पौने पांच बजे आरोपी फतह सिंह के रिश्तेदार यहां आए और शव का पोस्टमॉर्टम के बाद उसका शव गांव ले गए।देर शाम उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। सलूंबर एसपी अरशद अली ने सलूंबर के अदवास हत्याकांड मामले में जावर चौकी इंचार्ज विक्रम सिंह को सस्पेंड कर दिया है और उनका मुख्यालय सलूंबर पुलिस लाइन कर दिया है। शिक्षक शंकरलाल के परिवार को मुआवजा, सरकारी नौकरी, जावर माइंस थानाधिकारी और जावद चौकी प्रभारी को निलंबित करने की मांग कर रहे थे।
पीड़ित परिवार धरने पर,मुआवजे की मांग
शिक्षक के परिवार को न्याय दिलाने के लिए समाज के लोग आंदोलनरत हैं। परिजनों का कहना है कि जब तक उनको मुआवजा और मृतक के परिवार के सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं मिलती तब तक उसका पोस्टमॉर्टम नहीं होने देंगे। इस बीच संभागीय आयुक्त राजेंद्र भट्ट, आईजी अजयपाल लांबा और सलूंबर कलेक्टर जसमीत सिंह संधु के साथ मांगों को लेकर एक प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक भी हुई लेकिन सहमति नहीं बनी।
एमबी अस्पताल में समाजजन बड़ी संख्या में जुटे हुए है और उन्होंने मॉर्च्युरी के बाहर की तरफ ही डेरा डाल रखा है। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल तैनात कर रखा है। इस मामले में बीती शाम को इस तरह की समझाइश का कोई परिणाम नहीं निकला। प्रदर्शन करने वालों ने केंद्रीय मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सलूंबर विधायक के खिलाफ भी नारेबाजी की।
विधायक जिग्नेश मेवाणी बोले पुलिस ने सुरक्षा नहीं दी
इधर, गुजरात के विधायक जिग्नेश मेवाणी ने एक्स पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि सलूंबर जिले में असामाजिक तत्वों द्वारा एक दलित शिक्षक पर तलवार से हमला करने के मामले में इस परिवार को कई दिनों से धमकियां दी जा रही थी और मामला पुलिस के संज्ञान में भी था लेकिन परिवार को कोई सुरक्षा नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि यह दिल दहला देने वाली घटना पुलिस और प्रशासन की विफलता को उजागर करता है। राज्य के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मांग है कि वह कुछ ऐसे कदम उठाए जिससे पूरे प्रदेश के दलितों को उनकी सरकार पर सुरक्षा देने के लिए भरोसा कायम हो।
