वन विभाग के रेंजर को 5 हज़ार की रिश्वत लेते गिरफ्तार, अन्य 2 सहयोगी भी गिरफ्तार

राजसमंद एसीबी टीम ने वन विभाग राजसमंद के रेंजर को 5 हजार रूपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। वही इस मामले में एक अन्य रेंजर व वनपाल को भी एसीबी टीम ने गिरफ्तार किया। रेंजर ने परिवादी से अवैध लकड़ी से भरे ट्रक को छोड़ने की एवज में रिश्वत की मांग की थी। राजसमंद एसीबी ब्यूरो के पुलिस निरीक्षक मंशाराम के अनुसार परिवादी ने 12 जुलाई को ब्यूरो कार्यालय में वन विभाग डूंगरपुर के रेंजर लोकेश व नारायण सिंह एवं वनपाल अशोक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में परिवादी ने बताया कि द्वारा परिवादी की गाड़ी जब्त करने एवं रेंजर लोकेश द्वारा परिवादी की लकड़ी की गाड़ी को छोड़ने की एवज में 45 हजार रूपए की मांग की जा रही है। इसके अलावा बिछीवाड़ा रूट पर लकड़ी की गाड़ी को बिना रोक टोक ले जाने की ऐवज में मासिक बंदी की मांग की जा रही है।

जिसके बाद राजसमंद ब्यूरो द्वारा रिश्वत की मांग का सत्यापन करवाया गया तो रेंजर लोकेश द्वारा परिवादी की लकड़ी से भरी ट्रक को छोड़ने के लिए रसिद की राशि 21 हजार रूपए के अतिरिक्त रिश्वत राशि के लिए वन विभाग राजसमंद के रेंजर बलराम पाटीदार को बताने को कहा। जिसके बाद रेंजर बलराम पाटीदार सपरिवादी के पास व्हाट्स एप काल करता है। और रेंजर लोकेश के लिए रसिद की राशि 21000 हजार के अतिरिक्त रिश्वत राशि 15 हजार रूपए की मांग की गई। परिवादी द्वारा पूर्व में दिए गए 10 हजार रूपए कम करने के बाद शेष 5 हजार रूपए रिश्वत के रेंजर लोकेश के लिए मांगे गए।

इसके बाद 15 जुलाई को पुनः मांग का सत्यापन करने के लिए सपरिवादी को डूंगरपुर रेंजर नारायण सिंह, रेंजर लोकेश व वनपाल अशोक के पास भेजा गया। इस दौरान वनपाल अशोक द्वारा रेंजर नारायण सिंह की उपस्थिति में सपरिवादी से आरोपी रेंजर लोकेश के लिए 5000 रूपए की मांग करना एवं लकड़ी की गाडी को बिना रोक-टोक चलाने के लिए लिए मासिक बंदी के रूप में 20 हजार रूपए की मांग की।

उसके बाद 16 जुलाई राजसमंद एसीबी ब्यूरो की टीम द्वारा ट्रेप की कार्रवाई करने के लिए वन विभाग राजसमंद के रेंजर बलराम पाटीदार को परिवादी से 5 हजार रूपए की रिश्वत राशि लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। व शेष आरोपियों लोकेश व अशोक को दस्तयाब किया गया। एसीबी टीम में ब्यूरो से हेड कॉन्स्टेबल गोविंद नारायण, कॉन्स्टेबल जितेंद्र कुमार, वरिष्ठ सहायक यशवंत सिंह, कांस्टेबल भंवर दान शामिल रहे।

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