डूंगरपुर : कीचड़ से होकर स्कूल जाने को मजबूर हुए बच्चे ; पत्थरों का सहारा लेकर बच्चे करते हैं रास्ता पार, जिम्मेदार नहीं दे रहे ध्यान

डूंगरपुर के सकानी गांव में अपर प्राइमरी स्कूल जाने का रास्ता कीचड़ और गंदगी से भरा है। बच्चे कीचड़ में बड़े पत्थर रखकर स्कूल जाने को मजबूर है। वहीं, पत्थर से पैर फिसलने पर बड़े हादसे का डर भी सता रहा है। कीचड़ का ये हाल गंदे पानी की निकासी नहीं होने से हो रहा है। लोगो ने भी इसकी कई बार शिकायत की लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ है।

सरकार बच्चों को स्कूल से जोड़ने ओर सुविधाओं को लेकर फोकस कर रही है, लेकिन सकानी अपर प्राइमरी स्कूल जाने का रास्ता देखकर ही हर कोई मुंह मोड़ लेता है। सकानी स्कूल के मैन गेट के सामने ही सड़क पर कीचड़ फैला हुआ है। हालत ये है कि सड़क के गड्ढे में एक फीट तक पानी भरा हुआ। जिसे पार कर बच्चो को स्कूल जाना पड़ता है।

गांव के भावेश सुथार और मोगजी मीणा बताते है कि गांव के घरों से निकलने वाला पूरा गंदा पानी स्कूल के पास गेट के सामने ही इकट्ठा होता है। यहां से गंदे पानी की आगे निकासी का कोई इंतजाम नहीं है। ऐसे में पानी इकट्ठा होने के बाद कीचड़ में तब्दील हो जाता है। जिससे बच्चों को आने जाने में दिक्कत हो रही है।

गांव के लोग बताते है कि स्कूल जाने के लिए यही रस्ता है। ऐसे में कीचड़ के बीच पत्थर रखकर बच्चे उससे गुजरते हैं, लेकिन कई बार पैर फिसलने या पत्थर उलटने पर कीचड़ में गिरने या चोट लगने का डर भी सता रहा है। कभी कोई गाड़ी के आ जाने पर कीचड़ उड़ता रहता है। इससे जूते और कपड़े गंदे हो जाते है। गंदगी की वजह से बदबू आती है। ऐसे हालत से बच्चों के साथ ही स्कूल के टीचर और गांव के लोग भी परेशान है।

लोग बताते है कि गंदे पानी की निकासी के लिए कई बार पंचायत में शिकायत की, लेकिन आज तक इसका कोई समाधान नहीं हुआ है। लोगों ने पानी की निकासी के लिए पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है।

 

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