उदयपुर में मैग्नस हॉस्पिटल को नोटिस, मरीज भर्ती करने पर लगाई रोक : इलाज में लापरवाही आई सामने, सीएमएचओ ने 5 दिन में हॉस्पिटल प्रबंधक से मांगा जवाब
जिला प्रशासन के निर्देश पर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने भुवाणा के मीरा नगर में संचालित निजी मैग्नस हॉस्पिटल के प्रबंधक को नोटिस दिया है। साथ ही नए मरीजों के भर्ती करने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। जिला रजिस्ट्रीकरण प्राधिकरण से अनुमति मिलने के बाद ही अब ही हॉस्पिटल को नए रोगियों की भर्ती शुरू करनी होगी। अस्पताल प्रबंधन को चेतावनी दी गई है कि अगर उन्होंने 5 दिन में संतोषजनक जवाब नहीं दिया तो अस्थायी पंजीकरण निरस्त किया जाएगा। इस संदर्भ में अस्पताल प्रबंधन को दस्तावेज के साथ जवाब प्रस्तुत करने को कहा गया है।
कलेक्टर से की थी शिकायत
सीएमएचओ डॉ शंकरलाल बामनिया ने बताया कि अपूर्वा जोशी पत्नी योगेश जोशी के बच्चे के इलाज में कथित लापरवाही की शिकायत परिजनों ने कलेक्टर से की थी। शिकायत में परिजनों ने बताया था कि हॉस्पिटल के एक डॉक्टर की लापरवाही से उनके मासूम बच्चे की दोनों आंखों की रोशनी चली गई। इसके बाद सीएमएचओ ने मामले की जांच करवाई। जांच में सामने आया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ और इलाज में गंभीर लापरवाही बरती जा रही है।
इसी आधार पर अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगते हुए कहा गया है कि क्यों न उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाए। नोटिस में कहा गया है कि रिकॉर्ड में काट-छांट व औसत से कई गुना अधिक सीजेरियन कर मरीज हितों की उपेक्षा की जा रहा है। यह क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 एवं अन्य एक्ट की गाइड लाइन के खिलाफ है।
