पुलिस सुन लेती तो नहीं होती ऑनर किलिंग : FIR दर्ज कराने पहुंचे पति को थाने से भगाया ; लडकी के घरवालों ने मारकर जलाया तब एक्टिव हुई
झालावाड़ में एक दिन पहले हुए ऑनर किलिंग के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आई है। बारां के हरनावदा शाहजी कस्बे से विवाहिता को अगवा करने के तुरंत बाद उसका पति रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंचा था, लेकिन पुलिस ने मामला दर्ज करने के बजाय उसे भगा दिया।
महिला का पति 2-3 घंटे तक इधर-उधर भटकता रहा। इसी बीच उसे फोन पर पत्नी को जान से मारकर जलाने की सूचना मिली। इसके बाद उसने डीएसपी के साथ मीटिंग में बैठे थानाधिकारी को यह सूचना दी। इसके बाद पुलिस हरकत में आई और झालावाड़ के सोरती गांव से युवती का अधजला शव बरामद किया। महिला के पति ने आरोप लगाया कि अगर हरनावदा शाहजी पुलिस मामले को गंभीरता से लेती तो उसकी पत्नी की जान बच सकती थी।
पुलिस ने 2-3 घंटे तक नहीं की सुनवाई
ओनर किलिंग का शिकार हुई विवाहिता के पति रविंद्र कुमार भील ने बताया- गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पत्नी शिमला के साथ वह हरनावदा शाहजी स्थित सेंट्रल बैंक के बाहर खड़ा था। तभी शिमला का भाई सोरती निवासी मांगीलाल, काका-काकी, मेघराज कुशवाहा वहां पहुंचे और शिमला से मारपीट कर जबरन साथ ले गए। पत्नी का किडनैप होने पर सुबह करीब 11.30 बजे रिपोर्ट कराने के लिए हरनावदा शाहजी थाने में गया था, लेकिन 2-3 घंटे बैठे रहने के बावजूद उसकी सुनवाई नहीं हुई। उसने 2-3 बार कार्रवाई करने के लिए कहा तो उसे थाने से भगा दिया।
रविंद्र ने बताया- दोपहर करीब 3 बजे उसे किसी ग्रामीण से सूचना मिली कि उसकी पत्नी शिमला को उसके परिजनों ने मार दिया है और शव को सोरती गांव के श्मशान में जला रहे हैं। इस बारे में उसने डीएसपी के साथ मीटिंग में बैठे थानाधिकारी को दी तो पुलिस एक्टिव हुई।
श्मशान में जलती हुई चिता से निकाला अधजला शव
बारां एएसपी राजेश चौधरी ने बताया- रविंद्र कुमार भील पुत्र अमृतसिंह ने मामला दर्ज कराया है। रिपोर्ट में बताया- उसने झालावाड़ जिले के जावर थाना क्षेत्र के सोरती निवासी शिमला कुशवाहा (20) पुत्री कजोड़मल से कोर्ट में एक साल पहले लव मैरिज की थी। इसके बाद से वह और शिमला घर वालों से दूर अलग-अलग जगह बदल कर रह रहे थे। इन दिनों वह मध्यप्रदेश में रह रहे थे।
गुरुवार को वह शिमला के साथ वह हरनावदा शाहजी स्थित सेंट्रल बैंक में पैसे निकलवाने आया था। तभी शिमला के घरवाले पहुंचे और शिमला से मारपीट कर अपने साथ ले गए। उसकी रिपोर्ट पर किडनैप का मुकदमा दर्ज कर लिया। घटना के करीब 3 घंटे बाद सूचना मिली कि शिमला के परिजनों ने उसकी हत्या कर दी और उसके शव को जला रहे हैं।
एएसपी ने बताया- झालावाड़ जिले की जावर थाना पुलिस को सूचना देकर सोरती गांव भेजा। पुलिस टीम ने श्मशान घाट में जलती हुई चिता से अधजले शव को निकाल कर कब्जे में ले लिया। इस बीच बारां एसपी राजकुमार चौधरी, झालावाड़ एसपी ऋचा तोमर, छबड़ा डीएसपी और अन्य पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। एफएसएल, डीएसटी और अन्य जांच टीमें भी मौके पर पहुंची।
हरनावदा शाहजी थानाधिकारी गिरिराज गुर्जर ने बताया कि पुलिस महिला के अधजले शव को हरनावदा शाहजी लेकर आए। मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम के बाद शव ससुराल पक्ष के परिजनों को सौंप दिया।
परिजनों ने दी थी जान से मारने की धमकी
मृतका के पति रविन्द्र ने बताया- उन दोनों के बीच करीब 5 साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। पिछले साल 17 जुलाई 2023 को उन्होंने कोर्ट मैरिज कर ली, लेकिन परिजनों को नहीं बताया। पिछले महीने शिमला झालावाड़ कॉलेज में परीक्षा देने आई थी, तभी उसके साथ चली गई। शिमला के परिजनों ने कोतवाली थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दोनों को डिटेन किया तो शिमला ने उसके साथ रहने की बात कही थी। इस पर शिमला के परिजनों ने कहीं भी मिलने पर जान से मार देने की धमकी दी थी। डर के कारण दोनों जगह बदल-बदल कर रह रहे थे।
मृतका के पति के आरोपों की जांच की जाएगी
छबड़ा डीएसपी जयप्रकाश अटल ने कहा- घटनाक्रम को लेकर पुलिस गंभीरता से जांच में जुटी हुई है। 4 संदिग्धों से पूछताछ जारी है। जल्द ही मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी कर मामले का खुलासा कर दिया जाएगा। मृतका के पति ने जो आरोप लगाए हैं, उनकी सत्यता की जांच को लेकर उच्चाधिकारियों के निर्देशन में जांच की जाएगी।
