मेनार के ढंड एवं ब्रह्म सागर तालाब के वेटलैंड की अधिसूचना को लेकर पर्यावरण समिति की बैठक मेनार में आयोजित
बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । मेनार में जिला कलेक्टर उदयपुर अरविंद पोसवाल अध्यक्ष जिला पर्यावरण समिति की ओर से मेंनार में वेटलैंड अधिसूचना से संबंधित बिंदुओं पर प्राप्त परिवेदनाओं की सुनवाई करने को लेकर अटल सेवा केंद्र में पर्यावरण समिति की बैठक उपखंड अधिकारी हुकम कुंवर राव की अध्यक्षता में आयोजित की गई। जिसमें राव ने बैठक में आए बिंदु पर चर्चा करने के बाद कहा कि इस बारे में तकनीकी राय ली जाएगी। उसके बाद निर्णय किया जाएगा ।सुबह 11:30 से लेकर दिन में 2:30 बजे तक चली पर्यावरण समिति की बैठक में ग्रामवासियों ने कहा कि मेंनार के ब्रह्म सागर एवं ढड तालाब को वेटलैंड घोषित किया गया है, जिसके लिए वन विभाग की टीम दोनों तालाबों में तारबंदी एवं चार दिवारी को लेकर कार्य कर रही है, जिससे ग्रामीणों को अपना पक्ष रखने का अवसर मिलना चाहिए।
जिस पर उपखंड अधिकारी ने ग्रामीणों का पक्ष सुना तो ग्रामीणों ने बताया कि तालाब के तारबंदी एवं चार दिवारी बनाए जाने के बाद गांव के कृषक अपने पशुओं को पानी पिलाने तालाब की तरफ नहीं जा पाएंगे तथा खाली होने पर काली मिट्टी तालाब से अपने खेतों तक नहीं ले जा पाएंगे, जिससे फसल पैदावार में कमी आएगी तथा एन एच 48 रोड के दोनों तरफ तालाब में बरसाती पानी आने वाले नाले अवरुद्ध होने से नालों को खुलवाए जाने की मांग की गई। साथ ही मिट्टी उठाने पर वन विभाग की रोक नहीं होना चाहिए।
इस पर उपखंड अधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों से चर्चा करने के बाद कहा कि राजस्व विभाग की टीम, वन विभाग की टीम के साथ दोनों तालाब की सीमा का सीमाज्ञान करेगी, जिसमें दोनों विभाग इस कार्य को समन्वय से करते हुए निष्पादित करेंगे तथा तालाब से मिट्टी उठाने पर तकनीकी राय ली जाएगी। साथ ही कहा कि तालाब में पानी नहीं आएगा तो तालाब सूख जाएंगे और यहां आने वाले पक्षियों को भोजन नहीं मिलेगा। इस पर राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की टीम को जेसीबी एवं अन्य संसाधन लेकर नेशनल हाईवे पर खड़ा कर रखा था जिनको ग्राम पंचायत मेंनार के वार्ड पंच शंकरलाल मेनारिया एवं पटवारी हल्का अरुण गोदारा को मौके पर भेजा और तुरंत रोड के दोनों और बरसाती पानी के निकासी हेतु नवानिया एवं नाथूलाल भानावत की होटल से लेकर तीन मुखी पुलिया तक अवरुद्ध नाले को सही करने हेतु निर्देश दिया और हाथों-हाथ पानी निकासी हैतू अवरोध हटाने का कार्य शुरू भी करवा दिया।
मेनार में जमराबिज का ऐतिहासिक होता है महापर्व
बैठक में मुख्य रूप से एक बात और भी सामने आई कि दोनो जलाशय वेटलैंड घोषित होने के बाद वन विभाग के अधीन रहेगे और मेनार में होली के तीसरे दिन ऐतिहासिक महापर्व जमराबीज का बहुत बड़ा आयोजन होता है जिसमें बारूद से होली खेली जाती है। जो कार्यक्रम नहीं हो पाएगा। इस समस्या के निस्तारण के लिए अलग से गांव में बैठक रखने को लेकर चर्चा कर राव ने निर्देश दिया है कि वन विभाग, राजस्व विभाग दोनों विभागों की ओर से संयुक्त बैठक होगी, जिसमें इस बिंदु पर चर्चा की जाएगी। गांव के ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी को एक ज्ञापन भी पेश किया गया, जिसमें बताया गया कि मेनार से संबंधित कार्य योजना में स्थानीय ग्रामवासियों की भागीदारी हो, डीएफओ मीटिंग या रात्रि चौपाल रखें। डीएफओ या अन्य अधिकारियों के मेनार विजिट पर सूचना करे। वैटलैंड संरक्षण में क्या कार्य होंगे स्पष्ट करें, इस कार्य से गांव की सांस्कृतिक और तालाब की जैविक संरचना में परिवर्तन नहीं हो वन विभाग इसका लिखित में आश्वासन दे।
दोनो जलाशयों के रामसर साइट घोषित करवाने का किया विरोध
बैठक में ग्रामीणों ने तालाबों का रामसर साइट घोषित करवाने का विरोध किया, तालाब रामसर घोषित नहीं हो तथा वैटलैंड साइट के लाभ व हानि स्पष्ट व कार्यों हेतु गांव की सहमति ली जावे। फेंसिंग द्वारा तालाब बंद नहीं हो, तालाब में मवेशियों एवं स्थानीय लोगों के नहाने पर किसी प्रकार की रोक टोक नहीं हो। तालाब से खेतों के लिए मिट्टी लेने की अनुमति दी जावे, गांव वाले को वर्षों से मिट्टी मिल रही हे ताकि तालाब गहरे हो और गर्मियों में मछलिया नहीं मरे। दोनों तालाब में गंदा पानी नहीं गिरे। गंदा पानी निकासी की व्यवस्था हो और ओवरफ्लो पानी के लिए ढढ तालाब तक नाला बने, संपूर्ण गांव और तालाब क्षेत्र में कचरा प्रबंधन के लिए स्थाई रुप से वाहन लगाकर व्यवस्था की जावे।
गंदे पानी को तालाब में जाने से रोका जाए
नेशनल हाइवे के कारण तालाबों में पानी की आवक अवरुद्ध हो रही है। हाइवे के दोनो अवरोधक हटा कर पानी का आवागमन को सुचारू किया जावे। ज्ञापन लेने के बाद राव ने संबंधित विभाग को प्रत्येक बिंदु पर कार्य करने के लिए पत्र लिख दिया है तथा ग्रामीणों को हर बिंदु पर संतुष्ट करने के लिए गांव में एक रात्रि चौपाल का आयोजन किए जाने को लेकर चर्चा की गई है, राव ने कहा कि दोनों तालाबों में गांव का गंदा पानी जा रहा है, इस गंदे पानी की निकासी किए जाने को लेकर जिला परिषद उदयपुर को पत्र लिखा है और करीब 600 मीटर का नाला बनाया जाएगा। जो सिंचाई विभाग एवं पीडब्ल्यूडी विभाग की देखरेख में ग्राम पंचायत द्वारा बनाया जाएगा। गंदे पानी की निकासी को लेकर ग्राम पंचायत को निर्देश दिया है कि किसी भी सूरत में दोनों तालाबों में गंदा पानी नहीं गिरे तथा यह गंदा पानी सीवरेज के जरिए आगे पहुंचे इसका उचित प्रबंध हो।
बैठक में मेनार सरपंच प्रमोद ढोली, ग्राम विकास अधिकारी प्रभुदयाल यादव, विकास अधिकारी पंचायत समिति वल्लभनगर, उपसरपंच मांगीलाल सिंगावत, थानाधिकारी खेरोदा रोमंग पाटीदार, क्षेत्रीय वन अधिकारी रेंज भींडर कैलाश मेनारिया, तहसीलदार वल्लभनगर सतीश पाटीदार सहित वार्ड पंच शंकरलाल मेरावत, दयाशंकर लुणावत, हुक्मीचंद सुथार, प्रेम पांचावत, जीवन दावोत, बार अध्यक्ष रमेशचंद्र सांगावत एवं ग्रामीण विजयलाल एकलिंगदासोत, दुर्गाशंकर दियावत, लख्मीचंद एकलिंगदासोत, राजकुमार उदावत, गोविंद उदावत, लोकेश उपस्थित रहे।
