ऋषभदेव थाना क्षेत्र में नाबालिग से दुष्कर्म करने वाले 1 भाई को 20 साल की कैद , दूसरा बरी
ऋषभदेव थाना क्षेत्र में किशोरी का अपहरण कर बंधक बनाकर दुष्कर्म करने वाले दोषी को कोर्ट ने 20 साल कड़ी कैद की सजा सुनाई। वहीं, इसके भाई पर आरोप साबित नहीं होने पर कोर्ट ने दोषमुक्त कर दिया। प्रकरण के अनुसार एक व्यक्ति ने 8 अगस्त 2021 को रिपोर्ट दर्ज कराई। बताया कि 7 अगस्त को वह 15 वर्षीय साली को लेकर उसके स्कूल जा रहे थे। रास्ते में गरनाला कोटड़ा फला निवासी मनीष पुत्र धुलेश्वर आया और उन्हें रोका। फिर उनकी साली को साथ ले जाने लगा। उन्होंने रोका तो आरोपी ने मारपीट का प्रयास किया। फिर किशोरी का अपहरण कर केरमपुरा ले गया।
उन्होंने अपनी सास को घटना बताई। फिर दोनों पीड़िता की तलाश में केरमपुरा पहुंचे, जहां किशोरी नहीं मिली। इस मामले में पुलिस ने पीड़िता को दस्तयाब किया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी मनीष और इसका भाई अजीत पीड़िता का अपहरण कर अपनी बहन के घर ले गए, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। इस मामले में पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को गिरफ्तार किया और इनके खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया।
मामले की सुनवाई के दौरान विशिष्ट लोक अभियोजक सैयद हुसैन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ 19 गवाह और 33 दस्तावेज पेश किए, लेकिन अभियोजन पक्ष आरोपी अजीत के खिलाफ दुष्कर्म और बंधक बनाने का अपराध साबित नहीं कर सका। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पॉक्सो-2 कोर्ट के जज संजय कुमार भटनागर ने दोषी मनीष को भादस व पॉक्सो की विभिन्न धाराओं में 20 साल की कड़ी कैद और एक लाख 55 हजार 500 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। दूसरी तरफ, इसके भाई अजीत को संदेह का लाभ देकर दोषमुक्त कर दिया।
