प्रयोगशाला सहायक भर्ती मामला ,याचिकाये स्वीकार, अभ्यर्थीयो का अनुभव प्रमाण पत्र को जोड़ते हुए पुनः मेरिट लिस्ट बनाई जाकर नियुक्ति दी जाय
जोधपुर । राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने प्रयोगशाला सहायक भर्ती मामले मे दायर याचिकाओं मे अभ्यर्थीयो की याचिकाओं को स्वीकार करते हुए सरकार को आदेश दिया है की सभी अभ्यर्थीयो को पुनः नए सिरे से अनुभव प्रमाण पत्र एक ही पदनाम से जारी करते हुए, उनके अनुभव के नंबर जोड़ते हुए फाइनल मेरिट लिस्ट पुनः बनाई जाकर पात्र अभ्यर्थीयो को मेरिट लिस्ट मे शामिल करते हुए विधिवत नियुक्ति दी जाये,
अभ्यर्थी प्रभु लाल , धीरेंद्र , रमेश कटारा, चेतन खराड़ी, मनसुख आदी की ओर से अधिवक्ता ओपी सांगवा , भेरूलाल जाट ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बताया की प्रयोगशाला सहायक की भर्ती 2018 में निकली थी , तब 10 क्लास के अंको का 70 प्रतिशत व किसी भी प्रयोगशाला में संविदा पर काम करने के अनुभव के 30 प्रतिशत वेटेज के आधार पर नियुक्ति देनी थी , अभ्यर्थीयो का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन भी हो गया , अब उनकी फाइनल मेरिट लिस्ट निकाली जिसने अभ्यर्थियों से कम मेरिट व कम अनुभव वालो का तो चयन हो गया लेकिन अभ्यर्थियों का मेरिट लिस्ट में नाम नही था और अभ्यर्थियों का अनुभव भी नही जोड़ा गया यह बताते हुए की इसके अनुभव प्रणाम पत्र में प्रयोगशाला सहायक / हेल्पर/ क्लीनर/ आदी लिखा हुआ है , जबकि अभ्यर्थियों ने 2013 से लेकर अभी तक संविदा पर प्रयोगशाला सहायक के रूप में काम किया , उसका ज्वाइनिंग लेटर , सैलेरी स्लीप , हाजरी रजिस्टर आदी पेश किए जिसने प्रयोगशाला सहायक ही लिखा हुआ है , जिस पर अभ्यर्थीयो को माननीय उच्च न्यायालय से पहले स्थगन आदेश मिल गया था, व न्यायालय ने राज्य सरकार , चिकित्सा विभाग आदी को नोटिस जारी कर जबाव तलब किया था, कल हुई सुनवाई मे माननीय न्यायालय ने अभ्यर्थीयो की याचिकाये स्वीकार करते हुए सरकार को आदेश दिया की सभी अभ्यर्थीयों के अनुभव प्रणाम पत्र पुनः एक ही नाम से जारी किये जाये और उनका अनुभव को जोड़ते हुए फाइनल मेरिट लिस्ट पुनः जारी की जाकर पात्र अभ्यर्थीयो को मेरिट के अनुसार नियुक्ति दी जाये, माननीय न्यायालय ने पूर्व मे जारी फाइनल मेरिट लिस्ट पर भी रोक लगा दी है….
इनपुट : भेरूलाल जाट
