उदयपुर : पत्नी और प्रेमिका में से एक को चुनना था, पत्नी को चुनकर प्रेमिका का गला काटकर उतारा मौत के घाट,एक साल पहले 4 साल के बच्चे की भी हत्या कर चुका है आरोपी

उदयपुर । करीब 39 दिन पहले उदयपुर में उमरिया के जंगल में महिला की हत्या उसके प्रेमी ने की थी। आरोपी की पत्नी को जब अपने पति की प्रेमिका के बारे में पता चला तो उसने दोनों में से किसी एक को चुनने की शर्त रख दी थी। आरोपी ने पत्नी को चुना और प्रेमिका की गला काटकर बेरहमी से हत्या कर दी। महिला की हत्या के एक साल पहले आरोपी ने उसके चार साल के बेटे का भी मर्डर कर दिया था। फलासिया थाना पुलिस ने रविवार को मर्डर केस का खुलासा करते हुए आरोपी और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।

अहमदाबाद में हुई सीता-देवीलाल की मुलाकात

फलासिया थाना इंचार्ज सीताराम ने बताया- सेमारी थाना इलाके के धनकावाड़ा गांव निवासी देवीलाल परमार (30) पुत्र मनजी परमार अहमदाबाद में सिद्धि ऑयल कंपनी में कॉन्ट्रैक्टर था, जो मजदूर उपलब्ध करवाता था। वह वहां तीन साल से काम कर रहा था। वहीं दो साल पहले उसकी जान-पहचान मध्यप्रदेश के रीवा जिले के रेही थाना इलाके की रहने वाली सीता कोल (30) से हुई। देवीलाल और सीता, दोनों शादीशुदा थे। सीता का पति इंद्रभान कोल अहमदाबाद में ही मजदूरी करता था। दो साल पहले इंद्रभान दूसरी महिला के साथ चला गया था। साथ में 9 साल की बेटी अंजना को भी ले गया था। सीता के साथ 4 साल का बेटा दादू रहता था। इसके बाद सीता और देवीलाल की नजदीकियां बढ़ीं। दोनों लिव-इन में रहने लगे। लेकिन, देवीलाल दादू से नफरत करता था। एक साल पहले शराब के नशे में उसने दादू को फर्श पर पटक कर मार डाला। सीता ने पुलिस और अस्पताल प्रशासन से झूठ बोलकर प्रेमी देवीलाल को बचा लिया।

देवीलाल गांव आया तो सीता भी पहुंच गई

इस साल 4 अप्रैल को देवीलाल अहमदाबाद से अपने गांव धनकावाड़ा आया। उसके पीछे दो दिन बाद 6 अप्रैल को सीता भी धनकावाड़ा पहुंच गई। देवीलाल उसे लेकर गांव में ही एक निर्माणाधीन मकान में तीन-चार दिन रुका। इसके बाद अहमदाबाद ले गया।

दोनों के प्यार के बारे में देवीलाल की पत्नी भावना (28) को पता चल गया। उसने हंगामा कर दिया। कहा कि चैन से जीना है तो मुझमें या भावना में से किसी एक को चुने। देवीलाल ने पत्नी से कहा कि वह भी सीता से पीछा छुड़ाना चाहता है, लेकिन सीता बेटे के मर्डर के आरोप में फंसाने की धमकी देती है। ऐसे में कुछ कर नहीं पा रहा हूं। इसके बाद देवीलाल और भावना ने मिलकर सीता के मर्डर का प्लान बनाया।

पहचान छुपाने के लिए हाथ की चमड़ी काटी और तालाब में फेंक दिया

16 अप्रैल की शाम देवीलाल ने सीता से कहा कि तुम्हें अपनी बुआ के घर लेकर चलता हूं। वह सीता को बाइक से अहमदाबाद लेकर आया। उसने अहमदाबाद से एक ठेले से धारदार चाकू खरीदा था। रास्ते में ही सीता के मर्डर का प्लान था। अहमदाबाद से बाइक पर निकलने के बाद दोनों मादड़ी कस्बे में रुके। वहां एक जगह शराब पी। इसके बाद बाइक से उमरिया के जंगल एरिया में पहुंच गए।

देवीलाल ने सीता से कहा कि वह कुछ देर आराम करना चाहता है। बाइक रोककर देवीलाल सीता को सुनसान जगह ले गया। उसने लेटने का नाटक किया। सीता भी एक पत्थर पर सुस्ताने लगी। इसी दौरान देवीलाल ने धारदार चाकू निकाला और सीता का गला काट दिया। सीता के दाएं हाथ पर उसके नाम का टैटू था। देवीलाल ने पहचान छुपाने के लिए उसके हाथ की चमड़ी काटी और पास के तालाब में फेंक दिया।

मर्डर के बाद तीन दिन ससुराल में रहा

हत्या करने के बाद देवीलाल अपने ससुराल मादला पहुंच गया। उसने भावना को मर्डर की बात बताई। 17 अप्रैल को पुलिस को उमरिया के जंगल में लावारिस लाश मिली। तीन दिन तक देवीलाल ससुराल में ही रहा। इस दौरान भावना को उमरिया के जंगल में पुलिस को महिला की लाश मिलने की सूचना भी मिल गई। तब उसे पति की बात पर यकीन हो गया।

उधर, जब सीता की शिनाख्त नहीं हुई तो पुलिस ने पोस्टमॉर्टम करवाकर मादला पंचायत के सहयोग से उसका अंतिम संस्कार करा दिया। पुलिस मर्डर की गुत्थी सुलझाने में लगी रही। इस दौरान कॉन्स्टेबल नीलेश को देवीलाल परमार के बारे में जानकारी मिली। सामने आया कि देवीलाल का अहमदाबाद में सीता नाम की महिला से अफेयर चल रहा है। कॉन्स्टेबल ने यह जानकारी पुलिस टीम को दी। पुलिस ने सीता के बारे में जानकारी जुटाई तो उसके भाई श्रीनिवास के बारे में पता चला। पुलिस ने श्रीनिवास को सीता की फोटो वॉट्सऐप पर भेजी तो उसने शिनाख्त कर ली।

इसके बाद पुलिस ने देवीलाल को डिटेन कर लिया। पूछताछ में उसने वारदात करना कबूल किया। साथ ही यह भी स्वीकार किया कि उसने एक साल पहले सीता के बेटे की भी हत्या की थी। देवीलाल और भावना के भी 3 बच्चे हैं। पुलिस ने दंपती को हत्या और हत्या की साजिश रचने के मामले में गिरफ्तार कर लिया।

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