अखिल भारतीय मेनारिया ब्राह्मण समाज का तीसरा महासम्मेलन ग्राम खरसान में हुआ जिसमें माता-पिता की सेवा नहीं करने वाले पुत्रों के विरुद्ध कड़ा कदम उठाने का निर्णय

सम्मेलन में समाजजन द्वारा मध्यस्थता कर 3 मामले निस्तारित करवाये, प्रत्येक गांवो की ग्राम स्तर की कमेटी के हुए गठन

बांसडा,कन्हैयालाल मेनारिया । अखिल भारतीय मेनारिया ब्राह्मण समाज का तीसरा महासम्मेलन ग्राम खरसान के अम्बामाताजी नोहरे में रविवार को अयोजित हुआ। महासम्मेलन में मेवाड़ चौखला के अंतर्गत मेनार, रुंडेड़ा, वाना, खरसान एवं खेरोदा, बांसड़ा, बाठरड़ा खुर्द, मावली डांगीयान, इंटाली, विजयपुरा, निलोद, रोहिड़ा, चौकड़ी, चौरवडी, फतेहनगर, गवारड़ी क्षेत्र के समाजजन सम्मिलित हुए। वक्ताओं ने समाज में व्याप्त कुरीतियों को लेकर समाज हित पर विचार प्रकट किए एवं गत 31 मार्च को मेनार अम्बामाताजी नोहरे में हुई बैठक की समीक्षा की गई और समाजजन द्वारा समाज के हित में कई निर्णय लिए।

महासम्मेलन में महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा के लिए विशिष्ट योगदान करने, बूढ़े मां-बाप की सेवा करने एवं असहाय परिजनों की देखभाल करने के लिए सभी समाजजनों को पाबंद किया गया। अखिल भारतीय मेनारिया ब्राह्मण समाज चोखला की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता हुक्मीचंद सांगावत ने समाजजनों से अपील की गई कि पति पत्नी के बीच मनमुटाव होने की दशा में सबसे पहले स्थानीय स्तर पर ही समाजजनों द्वारा सामाजिक रूप से काउंसलिंग कर दोनों पक्षों को समझाकर परिवार को टूटने से बचाया जाए। आवश्यकता पड़ने पर चौखला के समाजजन द्वारा उक्त मामलों में समझौता कराने के प्रयास किया जाएगा। वही पति-पत्नी के बीच मनमुटाव होने पर लड़की के ससुराल नहीं आने एवम लड़के द्वारा अपनी पत्नी को नहीं लाने पर समाज द्वारा दोनों पक्षों को समझाने के प्रयास किए जाएंगे तथा दोनों पक्षों की ओर से वास्तविकता का पता लगाकर जो भी निर्णय होगा वह दोनों पक्षों को सुनने के बाद लिया जाएगा।

खरसान के पूर्व सरपंच भगवतीलाल मेनारिया ने बताया कि कानूनी तौर से विरासत का नामांतरण होता है तो पिता की संपत्ति में पुत्री का नाम खाते (जमाबंदी) में लग जाता है, तो पुत्री अपने भाइयों के पक्ष में विधिवत बैहनामा लिखवा हक त्याग कर देगी। ऐसा नहीं करने की दशा में समाज कड़ा कदम उठाएगा। साथ ही समाज के विरुद्ध कोई भी व्यक्ति झूठा मुकदमा करेगा तो समाज उसके लिए भी ठोस कदम उठाएगा।

सम्मेलन में पति-पत्नी एवं माता-पिता के बीच मनमुटाव के कुल 30 से ज्यादा प्रार्थना पत्र पेश हुए, जिनको दोनों पक्षों के गांव वालों को पांच पांच व्यक्तियों की कमेटी बनाकर समझौता हेतु प्रयास करेंगे, जो आगामी बैठक में अपना पक्ष रखेंगे। पति-पत्नी के बीच चल रहे तीन प्रकरणों में समाज ने सम्मेलन में ही पांच-पांच व्यक्तियों की कमेटी के रूप में भेज कर हाथोहाथो निस्तारण करवा कर एक मिसाल कायम की।

अलग अलग गांवो की कमेटी का किया गठन

जिन व्यक्तियों द्वारा न्यायालय में प्रकरण दर्ज करवा रखे है, उन मामलों में पक्षकार को न्यायालय में प्रकरण की सुनवाई नहीं करवा कर राजीनामा हेतु 2 यां 3 माह की पेशी लेने हेतु कहा गया, ताकि समाजजन उसमें समझौता करवा सके। जिन-जिन लोगों ने समाज के समक्ष अपने प्रार्थना पत्र पेश किया उन सबको पढ़कर सुनाया गया। सम्मेलन में अलग-अलग गांवो में ग्राम स्तर की 5-5 लोगो की कमेटी का गठन किया गया, जो कमेटी पति पत्नी के मनमुटाव होने की दशा में सबसे पहले स्थानीय स्तर पर ही काउंसलिंग कर दोनों पक्षों को समझाकर परिवार को टूटने से बचाने की कोशिश करेंगे। इसके साथ ही अन्य विवादों में भी समझाइस की कोशिश करते हुए समझौता कराने में सहयोग करेंगे।

अनाप शनाप खर्चों पर पाबंधी

सम्मेलन में आधुनिकता के नाम पर बढ़ते जा रहे अनाप-शनाप खचों को बंद करने एवं प्री-वेडिंग फोटो शूट को तत्काल प्रभाव से बंद करने का निश्चय किया गया। समाज में बढ़ रहे तलाक के मामलों पर भी विचार-विमर्श किया गया और महासम्मेलन के अंत में सर्वमान्य विधान प्रारूप बनाने एवं समाज में एकरूपता कायम करने के लिए सामाजिक नियमावली बनाने का निर्णय लिया गया। समाज को नेतृत्व प्रदान करने के लिए प्रत्येक गांव से 5 से 10 वरिष्ठ नागरिकों को नियुक्त किया गया सम्मेलन में करीब 2000 से ज्यादा लोगों ने भाग लिया। अखिल भारतीय मेनारिया ब्राह्मण समाज के कोषाध्यक्ष बद्रीलाल मेनारिया ने समाज के लोगों को धन्यवाद व्यापित किया। सम्मेलन में खरसान के युवाओं एवं वरिष्ठ जनों ने सराहनीय सहयोग किया अंत मे महाप्रसादी हुई।अगली बैठक28जुलाई रुंडेरा मे होगी।

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