सभी सेवक महाप्रसाद की सेवा में अपने योगदान को प्रभु श्री राम की सेना के वानर के भाव के रूप में अपने आप को समझे’- श्री विशाल बावा
श्री विशाल बावा ने रामनवमी के अवसर पर अयोध्या के लिए महाप्रसाद की महायात्रा के एक लाख एक मठड़ी के अयोध्या में वितरण के मनोरथ में अपनी सेवाएं देने वाले सेवकों एवं वैष्णव जनों का किया सम्मान व समाधान तथा प्रदान किया आशीर्वाद
‘श्री राम प्रभु मर्यादा में पुरुषोत्तम है व श्रीजी प्रभु पुष्टि में पुरुषोत्तम है’ – श्री विशाल बावा
नाथद्वारा,नरेन्द्र पालीवाल । पुष्टिमार्गीय प्रधान पीठ प्रभु श्रीनाथजी की हवेली में तिलकायत श्री की आज्ञा एवं श्री विशाल बावा की प्रेरणा से रामनवमी के शुभ अवसर पर अयोध्या में महाप्रसाद की महायात्रा के अभियान के मनोरथ में एक लाख एक मठड़ी का अयोध्या में वितरण करने में सहयोग देने वाले मंदिर सेवको, ट्रांसपोर्ट की सेवा देने वाले कर्मचारीयों, सुरक्षा गार्ड्स,प्रसाद बनाने वाले सेवको,मार्ग में पडने वाले पड़ाव विशेष रूप से भीलवाड़ा,जयपुर, मथुरा, लखनऊ में महाप्रसाद का वितरण करने वाले वैष्णवों का दिनांक 26/04/2024, शुक्रवार को श्रीजी प्रभु की सेवा में समर्पित सभी सेवकों को भोग-आरती के दर्शन कराकर उन्हें मोती महल स्थित लाल छत पर एक समारोह में गो.चि.105 श्री विशाल जी (श्री भूपेश कुमार जी) बावा श्री द्वारा सेवकों द्वारा प्रभु की सेवा में की गई सेवाओं के उपलक्ष में सभी को ऊपरना ओढ़ा कर एवं प्रसाद प्रदान कर सम्मान एवं समाधान किया गया तथा आशीर्वाद प्रदान किया गया! इस अवसर पर श्री विशाल बावा ने अपने आशीर्वचन में कहा कि “पुष्टिमार्ग में प्रभु श्री राम का उतना ही महत्व है जितना प्रभु श्री कृष्ण का क्योंकि वह मर्यादा में पुरुषोत्तम है और श्रीजी प्रभु पुष्टि में पुरुषोत्तम है प्रभु श्री राम ने भी पुष्टि लीला की है जैसे अहिल्या उद्धार,सेतुबंध आदि लीलाएं और श्रीजी प्रभु ने भी पुष्टि लीलाएं की है, सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों ही हास्यावतार हैं और श्रीजी प्रभु में इसीलिए श्री महाप्रभु जी व आचार्य चरण श्री गोसाई जी ने रामनवमी का और कृष्ण जन्माष्टमी का महत्व समान रूप से माना है! इसलिए महाप्रसाद की महा यात्रा की इस प्रभु सेवा में हम सभी बड़े सौभाग्यशाली हैं कि हमने किसी न किसी रूप में इस सेवा में अपना सहयोग दिया और हम श्रीजी प्रभु का प्रसाद रामलला तक अपने आप को श्री राम प्रभु के वानर के रूप में समझकर ले गए और यह सेवा कर पाए !” इस अवसर पर श्रीनाथजी मंदिर के अधिकारी श्री सुधाकर उपाध्याय,श्रीनाथजी मंदिर के मुख्य प्रशासक भारत भूषण व्यास,तिलकायत श्री के मुख्य सलाहकार अंजन शाह, सहायक अधिकारी अनिल सनाढ्य,मंदिर मंडल के सदस्य सुरेश संघवी,समीर चौधरी, तिलकायत श्री के सचिव लीलाधर पुरोहित, भीलवाड़ा के वैष्णव अनिल नुवाल, संगीता नुवाल,पीआरओ वह मीडिया प्रभारी गिरीश व्यास, समाधानी उमंग मेहता, जमादार हर्ष सनाढ्य, हर्ष काबरा, महर्षि, कैलाश पालीवाल एवं सैकड़ो वैष्णव जन उपस्थित थे!
